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हिमाचल: वरिष्ठ अफसरों की विभागीय जांच अब सेवानिवृत्त IAS अधिकारियों के हवाले, बनेगा पैनल; जानें विस्तार से

Sun, 27 Sep 2026 09:49 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, नागोया/शिमला।

सार

Retired IAS Officers Departmental Inquiry Panel DoPT 2026: केंद्र सरकार ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ विभागीय मामलों की जांच के लिए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों का पैनल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने पात्र सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों से आवेदन मांगे हैं। पैनल तीन साल तक प्रभावी रहेगा। जांच अधिकारियों की नियुक्ति जरूरत के अनुसार अलग-अलग मामलों में होगी और उन्हें नियुक्ति की तारीख से 180 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट देनी होगी।
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भारत सरकार का कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ विभागीय मामलों की जांच के लिए केंद्र सरकार रिटायर आईएएस अधिकारियों की विशेषज्ञ सेवाएं लेगी। भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने जांच अधिकारियों का पैनल गठित करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों से आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। केंद्रीय स्तर पर गठित होने वाले इस पैनल के लिए हिमाचल प्रदेश के कार्मिक विभाग ने भी प्रदेश के पात्र सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों को पत्र भेजकर आवेदन करने की जानकारी दी है। इच्छुक अधिकारी निर्धारित प्रोफार्मा में सीधे मंत्रालय को आवेदन भेज सकेंगे। 

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 मंत्रालय की ओर से तैयार किया जाने वाला पैनल तीन वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। हालांकि, पैनल में शामिल जांच अधिकारियों के कामकाज और प्रदर्शन की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। विभागीय जांच की जरूरत के अनुसार पैनल में शामिल अधिकारियों को अलग-अलग मामलों में जांच अधिकारी नियुक्त किया जा सकेगा। पैनल में शामिल होने के लिए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी की आयु आवेदन की अंतिम तिथि को 65 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

अधिकारी का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना भी जरूरी है। इसके अलावा अधिकारी की सत्यनिष्ठा बेदाग होनी चाहिए और सतर्कता के स्तर पर उसके खिलाफ कोई प्रतिकूल मामला नहीं होना चाहिए। जांच अधिकारी को मिलने वाला मानदेय मामले में गवाहों और साक्ष्यों की संख्या के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। 

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जांच अधिकारी को 40 हजार तक का प्रावधान
10 से अधिक गवाह या साक्ष्य वाले श्रेणी-एक के मामलों में जांच अधिकारी को सचिवीय सहायता के लिए 40 हजार रुपये तक का प्रावधान किया गया है। इससे जांच से संबंधित रिकॉर्ड, दस्तावेजों और अन्य प्रशासनिक कार्यों को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी। पैनल में शामिल अधिकारियों के लिए जांच को अनिश्चितकाल तक लंबित रखने की गुंजाइश नहीं होगी। नियुक्ति की तारीख से 180 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। जांच अधिकारी को मामले से संबंधित दस्तावेजों, सूचनाओं और डेटा की सख्त गोपनीयता बनाए रखनी होगी।
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