उपमंडल बंजार के तहत आने वाले घियागी गांव के दोघरी नाला में 10 कमरों का काष्ठकुणी शैली का दो मंजिला रिजॉर्ट जलकर राख हो गया है। आग की चपेट में आने से यहां पर काम करने वाला कुक भी आंशिक रूप से झुलस गया है। जिसे बंजार अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे गई है। आग की इस घटना में करीब 80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि रिजॉर्ट में कोई पर्यटक नहीं ठहरा था।
आधी रात आग लगने के बाद यहां पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। जानकारी के अनुसार घियागी के समीप नेचर लैप रिजॉर्ट में मंगलवार रात करीब 12:00 बजे अचानक चिंगारी भड़क गई। देखते ही देखते रिजॉर्ट को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। आग को भड़कता देखकर दमकल विभाग को सूचित किया गया।
इस बीच रिजॉर्ट में काम करने वाला कुक ब्रह्मदत निवासी घियागी यहीं पर ठहरा था। उसने जैसे-तैसे अपनी जान बचाई। इस बीच वह आशिंक रूप से झुलस भी गया। जब तक आग पर काबू पाया जाता तब तक पूरा रिजॉर्ट और इसके साथ बना हाट राख हो गया। रिजॉर्ट इकबाल कौर पत्नी महल सिंह संधु का था।
जिसे सतपाल गुलेरिया निवासी नैन, सरकाघाट, जिला मंडी को लीज पर दिया गया था। आग में रिजॉर्ट का सामान कंप्यूटर, सोफे, बैड, स्टोर, वाटर पंप कंबल, रजाई और क्रोकरी आदि जल गए। आग लगने की सूचना के बाद आसपास गांव के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन लकड़ी का बना रिजॉर्ट देखते ही देखते स्वाह हो गया है।
साथ लगते भवन बचाए
दमकल विभाग बंजार के फायर इंचार्ज लेख राज ने कहा कि सूचना मिलने के बाद आग पर काबू पाया गया। उन्होंने कहा कि साथ लगते भवनों को आग से बचाया गया है। तहसीलदार बंजार रमेश कुमार ने कहा कि आगजनी की सूचना मिलने पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। आग में 80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। नियमों के तहत राहत राशि प्रदान दी जाएगी। वहीं, डीएसपी बंजार खजाना राम ने कहा कि रिजॉर्ट में कार्यरत कुक को उपचार करवाने के बाद घर भेजा गया है।