मुंह के कैंसर की रोकथाम में तुलसी, एलोवेरा, हल्दी, त्रिफला मददगार
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मुंह के कैंसर को रोकने के लिए तुलसी, एलोवेरा, हल्दी और त्रिफला मददगार साबित हो सकते हैं। ओएसएमएफ (ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस) के इलाज के लिए इनको आजमाया गया है। ये संबंधित एंजाइमों को रोककर सूजन को कम करने में सहायक हो सकते हैं। एक अध्ययन के अनुसार तुलसी, एलोवेरा, हल्दी और त्रिफला जैसे सुरक्षित और प्रभावी हर्बल उपचारों को ओएसएमएफ के इलाज के लिए आजमाया गया है। यह अध्ययन एमएन डीएवी डेंटल कॉलेज और अस्पताल तातुल ओच्छघाट की डॉ. रिहू सिद्धू, इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज भुवनेश्वर की डॉ. राधा पी दलाई सहित कुछ विदेशी संस्थानों के विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से किया है। इस अध्ययन के मुताबिक तुलसी से संबंधित जड़ी-बूटी के कई प्रकार के औषधीय उपयोग हैं।
चयापचय और प्रतिरक्षा प्रक्रियाओं में सुधार के लिए आयुर्वेद से तुलसी को कई फॉर्मूलेशन में सुझाया गया है। सूजन पैदा करने वाले एंजाइमों को रोककर यह सूजन को कम करने में सहायता करता है। एलोवेरा एक पौधा है, जिसे घाव भरने वाला हार्मोन भी कहा जाता है और इसमें विटामिन ए, सी, ई, बी1, बी2, बी3, बी6, कोलीन, फोलिक एसिड, बीटा-कैरोटीन और बी12 होता है। यह हानिकारक मुक्त कणों के खिलाफ लड़ाई में मदद करता है। एलोवेरा स्टेरोल्स में बिना किसी नकारात्मक दुष्प्रभाव के सूजन को कम करने की कोर्टिसोन जैसी ही क्षमता होती है। ओएसएमएफ और लाइकेन प्लेनस के इलाज के लिए एलोवेरा दंत चिकित्सा में उपयोगी हो सकता है। ओरल सबम्यूकोस फाइब्रोसिस के इलाज के लिए हर्बल उपचार पर अध्ययन बेहद दुर्लभ हैं।