महापौर ने शहर में चल रहे निर्माणकार्याें की ली रिपोर्ट, तय समयसीमा में निपटाने के दिए निर्देश
जिन पार्किंग से पैसा नहीं मिल रहा, उनमें दुकानें या सामुदायिक भवन खोलने के प्रस्ताव बनाने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में नगर निगम की कितनी पार्किंग हैं, इनसे कितना पैसा आ रहा है, कुल कितनी पार्किंग खाली हैं, महापौर सुरेंद्र चौहान ने इन सबका रिकॉर्ड तलब कर लिया है। मंगलवार को अधिकारियों की बैठक के दौरान महापौर ने अगली बैठक तक इनका पूरा रिकॉर्ड देने के निर्देश दिए।
महापौर ने कहा कि शहर में नगर निगम की सौ से ज्यादा पार्किंग हैं। इसके बावजूद इनसे कम पैसा आ रहा है। कई पार्किंग लंबे समय से खाली हैं। यदि इनमें लोग गाड़ी खड़ी नहीं कर रहे हैं, तो निगम इनके दूसरे इस्तेमाल को लेकर प्रस्ताव बनाए। पार्किंग में दुकानें, रीडिंग रूम, आंगनबाड़ी, सामुदायिक केंद्र आदि बनाकर कमाई की जा सकती है। संपदा शाखा के अधिकारियों से महापौर ने पार्किंग का रिकॉर्ड मांगा तो जवाब मिला कि कुछ पार्किंग सड़क एवं भवन निर्माण शाखा ने हैंडओवर नहीं की हैं। दोनों शाखाओं में समन्वय की कमी देखकर महापौर ने सख्त निर्देश दिए कि ऐसा नहीं चलेगा। दोनों को मिलकर काम करना होगा। काम की फाइलें एक दूसरी शाखाओं में लटकाई न जाएं। महापौर ने पिछले एक साल के दौरान किस वार्ड में कितना काम हुआ है, इसका वार्ड वाइज ब्योरा भी बैठक में चेक किया। कहा कि पार्षद भी यह ब्योरा ले सकते हैं कि उनके वार्ड में कितने काम हुए हैं। महापौर ने अधिकारियों को नए निर्माणकार्याें और बरसात से हुए नुकसान की भरपाई के लिए चल रहे कामों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।