बिजली दरों में बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव सौंपा था आयोग को
बीते दिनों बोर्ड ने करीब 300 करोड़ रुपये के घाटे का हवाला देते हुए 70 पैसे प्रति यूनिट तक बिजली दरों में बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव आयोग को सौंपा था। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अप्रैल 2025 से बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं करने को कहा है। बिजली सब्सिडी बंद होने से महंगी बिजली का बोझ उपभोक्ताओं पर न पड़े, इसके लिए मुख्यमंत्री ने यह फैसला लिया है। सब्सिडी बंद होने के बाद उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट एक से साढ़े तीन रुपये तक महंगी बिजली मिलेगी। इसके चलते ही सरकार दरों में और बढ़ोतरी नहीं चाह रही है।
बोर्ड को 100 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड दिया
बिजली बोर्ड को आर्थिक तौर पर मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने बीते दिनों ही बोर्ड को 100 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड भी दिया है। ऐसे में अब सरकार ने दरों में बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला लिया है। उधर, क्लास वन और टू स्तर के प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार और मिलिट्री व पैरा मिलिट्री के अधिकारियों की सब्सिडी को सरकार ने बंद कर दिया है। फरवरी में इन उपभोक्ताओं को बिना सब्सिडी की दरों वाले बिजली बिल आएंगे। जनवरी में खर्च की जाने वाली बिजली का बिल इन्हें फरवरी में जारी होगा। इसके अलावा कई उपभोक्ता स्वेच्छा से भी सब्सिडी छोड़ने के लिए बोर्ड के कार्यालयों में संपर्क कर रहे हैं।