शिमला में नगर निगम के मर्ज एरिया में अवैध भवन आसानी से वैध नहीं हो पाएंगे। मर्ज एरिया के लोगों को विशेष राहत देने के लिए सरकार को संशोधन के साथ नया नगर योजना संशोधन अध्यादेश लाना होगा।
छह माह के लिए मान्य होने वाले अध्यादेश को विधानसभा से पारित करवाने के बाद ही लोगों को हकीकत में राहत मिल पाएगी। इतना ही नहीं राजस्व विभाग, वन विभाग और लोक निर्माण विभाग सहित अन्य महकमों के एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के बिना ही अवैध भवन वैध नहीं हो पाएंगे।
अवैध भवनों को नियमित करने के लिए सरकार की ओर से लाए गए संशोधन अध्यादेश से साफ हो गया है कि शहर के हजारों लोगों को राहत देना सरकार की मंशा है। लेकिन बिना फीस और नक्शे के अवैध भवन वैध करने की चर्चाओं के बाद उन लोगों में असंतोष है जिन्होंने हजारों रुपये खर्च कर सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भवन बनाए हैं।
सरकार मर्ज एरिया में बने अवैध भवनों को नियमित करने के लिए शपथ पत्र लेने के बाद विशेष छूट देने पर विचार कर रही है। मर्ज एरिया के लोग इसे लेकर उत्साहित तो हैं लेकिन लोगों के मन में शंका भी पैदा होने लगी है।
सेट बैक में 30 फीसदी एरिया ओपन रखने वाली शर्त में छूट को लेकर भी लोग असमंजस की स्थित है। इसे लेकर भी शपथ पत्र देने के बाद राहत की बात कही जा रही है लेकिन भविष्य में पानी, सीवरेज लाइन अथवा किसी दूसरी जरूरत के लिए जगह की आवश्यकता होने पर कैसे व्यवस्था बनेगी साफ नहीं है।
फीस कम करने का फैसला ले सकती है सरकार
अवैध भवन नियमित करने के लिए फीस की दरें सरकार कम कर सकती है। फीस कम करने को लेकर विभिन्न संस्थाएं लगातार सरकार से आग्रह कर रही हैं। मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद फीस में कमी होने की संभावना है।