डीजीपी ने यह निर्देश प्रदेश पुलिस मुख्यालय में शनिवार को हुई दक्षिणी परिक्षेत्र के जिलों के थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों की बैठक में दिए। बैठक के दौरान डीजीपी ने जिलों में लंबित अनसुलझे चोरी, गृहभेदन, बलात्कार, हत्या जैसे अभियोगों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने लंबित मामलों के निस्तारण में सुस्ती परनाराजगी जताते हुए जांच अधिकारियों को ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।
साथ ही चोरी, लूट, डकैती व गृह भेदन के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए डीजीपी ने सभी जिलों के एसपी को ज्यादा से ज्यादा संख्या में सीसीटीवी लगाने के लिए भी निर्देशित किया। वहीं, जांच अधिकारियों पर बढ़ रहे बोझ को कम करने के लिए स्नातक आरक्षियों से छोटे आपराधिक मामलों की जांच व मोटर वाहन अधिनियम के चालान के सकारात्मक परिणाम आने के बाद और ज्यादा स्नातक आरक्षियों से यह काम लेने के लिए कहा।
डीजीपी ने कहा कि ट्रैफिक चेकिंग, वीआईपी ड्यूटी और अन्य महत्वपूर्ण ड्यूटी के दौरान कोशिश यही की जाए कि जवान बाडी वार्न कैमरा पहने रहे। वहीं उन्होंने सभी को क्राइम फ्री हिमाचल एप के प्रचार प्रसार के लिए भी निर्देश दिए। साथ ही सोशल मीडिया का ज्यादा से ज्यादा काम में इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया।