अवैध कारोबार से सरकार को चूना लगाने वाले कारोबारियों के खिलाफ एक्साइज विभाग का अभियान जारी है। विभाग ने जिला मुख्यालय में दिल्ली नंबर की गाड़ी से 15 लाख की आर्टिफिशियल ज्वेलरी पकड़ी है। चार अन्य कारोबारियों से बिना बिल रेडिमेड गारमेंट्स, फर्नीचर, कीमती नग और प्रतिबंधित पॉलीथिन पकड़ा है। बिल और टैक्स की रसीदें न मिलने पर कारोबारियों से 2.05 लाख जुर्माना वसूला है। विभाग की कार्रवाई से अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप है।
शुक्रवार शाम को सहायक राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त रविंद्र सिंह चौधरी और एईटीसी चेतराम ठाकुर की अगुवाई में दो टीमें शहर में चेकिंग पर थीं। एक टीम में सहायक राज्य कर एवं आबकारी अधिकारी ईश्वर दास गुप्ता, नितिन गुप्ता और सुशील, दूसरी टीम में राज्य कर अधिकारी मनोज ठाकुर और कुलदीप ठाकुर शामिल रहे। देर शाम दिल्ली नंबर की एक कार ने हमीरपुर शहर में प्रवेश किया।
विभाग ने कार चालक को रुकने का संकेत दिया। कार की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में आभूषण मिले। प्रारंभिक जांच में विभाग को लगा कि यह सारे असली सोने के आभूषण हैं, लेकिन जांच में पाया गया कि यह आर्टिफिशियल ज्वेलरी है। कारोबारी को बिल और टैक्स की रसीदें दिखाने को कहा गया, लेकिन कारोबारी नहीं दिखा पाया।
इस पर 90 हजार का जुर्माना लगाया गया। कारोबारी ने जुर्माना राशि ऑनलाइन पेमेंट से सरकारी खजाने में जमा करवा दी। इससे पहले इसी हफ्ते चार अन्य कारोबारी भी सोना-चांदी के आभूषण और महंगी स्टोन (नग) के साथ पकड़े जा चुके हैं।
उधर, उपायुक्त राज्य कर एवं आबकारी हमीरपुर नविंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात को एक्साइज विभाग ने दिल्ली के कारोबारी से 15 लाख की आर्टिफिशियल ज्वेलरी पकड़ी थी। कुछ अन्य कारोबारियों से भी फर्नीचर, रेडिमेड गारमेंट्स, कीमती नग और पॉलीथिन पकड़ा। कुल 2.05 लाख रुपये जुर्माना राशि वसूलने के बाद कारोबारियों को छोड़ दिया।