हिमाचल में अब दो पंचायतों पर एक ग्राम सेवक तैनात होगा। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग ने रिक्त पदों को भरने की कसरत शुरू कर दी है। इसके तहत प्रदेश में 300 ग्राम सेवकों के पद भरे जाएंगे। वर्तमान में सरकार ने 3 पंचायतों में एक ग्राम सेवक तैनात किया है।
पंचायतों में काम प्रभावित न हों इसके चलते ग्राम रोजगार सेवकों के पदों को भरने का फैसला लिया है। अब केंद्र सरकार जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों को पैसा न देकर सीधे पंचायतों को दे रही है। 14 वें वित्तायोग के तहत पंचायतों में 18 विकास कार्य चल रहे हैं।
अभी एक ग्राम सेवक के पास है तीन पंचायतों का कार्यभार
इसमें वर्षाशालिका, नालियों का निर्माण, डंगे, सड़कों का निर्माण, श्मशानघाट, सामुदायिक भवन, स्ट्रीट लाइटें आदि कार्य हो रहे हैं। इन सभी कार्यों की रिपोर्ट, नक्शा और अन्य प्लानिंग संबंधित कार्य का जिम्मा ग्राम रोजगार सेवकों पर रहता है।
ग्राम रोजगार सेवक संघ का भी कहना है कि 14वें वित्तायोग के तहत जब से पंचायतों को सीधा पैसा मिलना शुरू हुआ है। काम का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। एक साथ तीन पंचायतों में सेवाएं देना मुश्किल हो रहा है।
पंचायतों के विकास कार्य करवाने में ग्राम रोजगार सेवकों का अहम रोल है। काम प्रभावित न हो इसके चलते ग्रामीण विकास विभाग ग्राम सेवकों के पदों को भरने जा रहा है। -भूपिंद्र अत्री, संयुक्त निदेशक