भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डा. रघुराम जी. राजन बुधवार दोपहर बाद अपनी टीम के साथ शिमला पहुंच गए। वह होटल वाइल्ड फ्लावर हॉल में रुके हैं। वीरवार सुबह 9.00 बजे वह वाइल्ड फ्लावर हॉल में ही आरबीआई सेंट्रल बोर्ड की 545वीं मीटिंग लेंगे।
इसमें आरबीआई अहम फैसले ले सकता है। इसके बाद वह होटल पीटरहॉफ आएंगे। यहां वह स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। वे इस बैठक के जरिये हिमाचल में बैंकों के कामकाज का जायजा लेंगे। बैठक में लीड यूको बैंक के सीएमडी अरुण कौल और मुख्य सचिव पी. मित्रा भी शामिल होंगे।
हिमाचल में इस समय 34 बैंकों की 1820 शाखाएं हैं। बैंकों के पास 66724 करोड़ रुपये का जमाधन है और 27230 करोड़ लोन दिया हुआ है। हालांकि, हिमाचल में अब भी जमा-उधार अनुपात को सुधारने की गुंजाइश है। इस बैठक में राज्य के सहकारी बैंकों के कुछ मसले आरबीआई के सामने रखे जाएंगे। इसके बाद वह मीडिया से भी रूबरू होंगे। इस दौरान आरबीआई गवर्नर के साथ मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी होंगे।
इसके बाद रघुराम राजन प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर जाएंगे और वहां छात्र-छात्राओं के साथ इंटरेक्शन करेंगे। इस दौरान वह पूछे गए सवालों का जवाब देंगे और ये बताएंगे कि रिजर्व बैंक काम कैसे करता है? हिमाचल को आरबीआई सेंट्रल बोर्ड मीटिंग की मेजबानी पहली बार मिली है।
आरबीआई से ये मसले उठाएंगे बैंक
-राज्य सहकारी बैंक को सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के क्रेडिट गारंटी फंड में शामिल किया जाए
-गरीब छात्रों के लिए मंजूर वजीफा स्कीमों में इंटरेस्ट सब्सिडी देने में सहकारी बैंक भी कवर हों
-पब्लिक मनी रिकवरी एक्ट के तहत एसडीएम के साथ तहसीलदारों को भी अधिकार दिए जाएं
-स्वयं सहायता समूहों और कृषि ऋणों संबंधी दस्तावेजों में स्टांप ड्यूटी में छूट दी जाए