क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में आठ मई को आपरेशन के दौरान हुई गर्भवती महिला की मौत का मामला गरमा गया है। परिजनों ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, डीसी और निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से जांच करवाने की मांग की है।
मृतका के ससुर ने निष्पक्ष जांच को लेकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को शिकायत भेजी है। इसमें मृतका के ससुर भाग सिंह ने बताया है कि मृतका वनिता देवी (प्रसूता) को आठ मई को सुबह करीब दस बजे क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में दाखिल करवाया था। चार बजे चिकित्सकों की टीम ने ऑपरेशन की बात कही थी।
इसके बाद मृतका के आपरेशन करने की प्रक्रिया शुरू की गई। उनके मुताबिक एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ने गर्भवती को लोकल एनेस्थीसिया दिया। इससे उनके शरीर में कंपन शुरू हो गई। फिर गर्भवती के शरीर के कंपन को नियंत्रित करने के लिए जनरल एनेस्थीसिया दिया गया।
शाम करीब साढ़े पांच बजे शिशु का जन्म हुआ लेकिन इसके आधे घंटे बाद शाम करीब छह बजे चिकित्सकों की टीम ने आपरेशन थियेटर से ही प्रसूता की मौत की उन्हें जानकारी दी।
प्रसूता के ससुर का कहना है कि एनेस्थीसिया का असर प्रसूता और शिशु दोनों के रक्त में तेज से हुआ। इससे प्रसूता की मौत हो गई। शिशु की जान भी खतरे में पड़ गई। बताया कि नवजात शिशु को तीन दिन तक कंपन होती रही।
परिजनों ने मृतका की मौत को लेकर चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। हालांकि गत रोज स्वास्थ्य मंत्री के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय एक कमेटी मामले की जांच कर रही है।
सीएमओ डा. डीआर शर्मा ने बताया कि तीन सदस्यीय कमेटी मामले की जांच कर रही है। जल्द ही जांच प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा।