किरतपुर-देहनी ट्रक यूनियनों ने रोपड़ से अल्ट्राटेक सीमेंट बागा के लिए आने वाले कच्चे मामल को लेकर कोर्ट से स्टे लगावा दी है। इसके बाद बागा के लिए रोपड़ से कच्चे माल की सप्लाई बंद हो गई है। अब कंपनी को राजपुरा से दोगुना किराये पर कच्चा माल मंगाना पड़ रहा है। किरतपुर-देहनी यूनियन ने कोर्ट में हवाला दिया है कि रोपड़ से अल्ट्राटेक कंपनी के लिए जो कच्चा माल जाता है उससे क्षेत्र में प्रदूषण और बीमारियां फैल रही हैं। इसके आधार पर रोपड़ से कच्चे माल के उत्पादन पर रोक लग गई है। वहीं 22 सितंबर पर इस स्टे पर अगला फैसला आएगा।
रोपड़ से कच्चे माल की रोक के बाद से कंपनी की परेशानी बढ़ गई है। कंपनी को हर दिन एक हजार मीट्रिक टन राखी की जरूरत सीमेंट उत्पादन के लिए होती है। पहले रोपड़ से ट्रक ऑपरेटर 510 रुपये प्रति मीट्रिक टन दाम पर वापसी लाते थे। जोकि 12 टन का 6120 रुपये किराया एक ट्रक का बनता था। अब राजपुरा से प्रति टन 1003 रुपये की ढुलाई ली जा रही है, 112 टन का किराया 12036 रुपये बन रहा है। जहां पर एक हजार मीट्रिक टन ढुलाई का रोपड़ से पांच लाख प्रतिदिन का किराया बनता था, वहीं अब यह किराया 10 लाख के करीब बन रहा है। हालांकि ट्रक ऑपरेटरों के लिए यह फायदा है। कंपनी को हर दिन पांच लाख का नुकसान हो रहा है।
सूत्रों के अनुसार कंपनी प्रबंधन के साथ ट्रक ऑपरेटरों की बैठक हुई। इसमें ऑपरेटरों ने कंपनी को आश्वस्त किया कि वो राजपुरा से कच्चे माल की ढुलाई करेंगे। लेकिन रोपड़ से कच्चे माल की रोक अगर लगातार रही तो यह कंपनी के लिए बड़ी चिंता का विषय होगा। वहीं कच्चा माल कम मिलने और सीमेंट उत्पादन कम होने से ऑपरेटरों को भी भविष्य में इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। अल्ट्राटेक में 3500 ऑपरेटर माल ढुलाई का कर रहे हैं। अगर जल्द विवाद नहीं सुलझा तो परेशानी बढ़ सकती है। इस बारे में अल्ट्राटेक के रॉ मटेरियल हेड लोकेंद्र जैन से फोन पर बात करने के की कोशिश की गई, लेकिन वो उपलब्ध नहीं हो पाए।