देहरा से भाजपा विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के करीबी माने जाने वाले रविंद्र रवि ने अपनी की पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद शांता कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को धर्मशाला में मीडिया से बातचीत में रवि ने शांता पर कई आरोप लगाए।
कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार बना सकती थी। लेकिन, कांगड़ा में गलत रूप से टिकट बंटवारे की वजह से भाजपा रिपीट होने से रह गई। उस वक्त हालात ही कुछ ऐसे हो गए थे। अपरोक्ष रूप से शांता पर टिप्पणी करते हुए रवि ने कहा कि राजनीति में जिद नहीं करनी चाहिए।
उस दौरान कहा गया कि चार-चार बार चुनाव लड़ने वाले और मंत्री बनने वाले अब चुनाव लड़ने के बजाय संगठन में चले जाएं। ऐसा कहने वालों को पहले इन बातों को खुद पर अमल में लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शांता कुमार पार्टी के सम्मानीय नेता हैं लेकिन हाल ही में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को व्यापम घोटाले पर लिखा पत्र उन्हें सार्वजनिक नहीं करना चाहिए था। अगर कोई बात है तो संगठन के मंच पर कहनी चाहिए।
नहीं हुई फोन टैपिंग, शांता की बात असत्य
रवि कहा कि शांता कुमार ने हाल में बयान दिया है कि तत्कालीन सरकार के शासन में 1385 फोन टैप हुए। शांता कुमार की यह बात असत्य है। भाजपा सरकार के समय कोई फोन अवैध रूप से टैप नहीं हुआ। फोन टैपिंग सिर्फ जांच एजेंसियां करती हैं।
भाजपा-अकाली सरकार का रिपीट होना बड़ी बात नहीं
रवि ने कहा कि शांता कुमार के पंजाब प्रभारी रहते ही 2012 में भाजपा-अकाली सरकार का रिपीट होना बड़ी बात नहीं है। 2002 में पंजाब में भाजपा ने 21 सीटों पर लड़कर 19 सीटें जीती थीं। 2012 में अकाली-भाजपा गठजोड़ के वक्त 21 सीटों पर लड़कर भाजपा 12 सीटें ही जीतीं।
शांता वीरभद्र के खिलाफ क्यों नहीं करते सीबीआई जांच की मांग
रवि ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर लगातार घोटालों के आरोप लग रहे हैं। शांता कुमार व्यापम घोटाले पर तो सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे। ऐसे में हिमाचल के मुख्यमंत्री पर संगीन आरोप लगने के बाद शांता कुमार को वीरभद्र सिंह के खिलाफ भी सीबीआई की जांच की मांग करनी चाहिए। शांता कुमार ने अभी तक प्रदेश कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक भी शब्द नहीं कहा है। ऐसे में समझ नहीं आता कि यह किस तरह की दोस्ती का आगाज है।
मुख्यमंत्री दें इस्तीफा
रवि ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दे देना चाहिए। सीएम को अपने विरोधियों को प्रताड़ित करने के सिवा कोई काम नहीं है। भाजपा जानना चाहती है कि इन्वेस्टर मीट होने के बाद कितने इन्वेस्टर हिमाचल में आए। कौन सी जादू की छड़ी घुमाने से ढाई साल में छह लाख बेरोजगार युवाओं को नौकरियां मिल गईं।