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छात्रा से दुष्कर्म मामले में ग्रामीणों ने स्कूल में घुसने नहीं दिए शिक्षक, एसएचओ ने लगाई कक्षाएं

Mon, 24 Jun 2019 07:22 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंब (ऊना)
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प्रदर्शन करते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
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शिक्षक के नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के बाद गुस्साए सैकड़ों ग्रामीणों-अभिभावकों ने स्कूल का घेराव कर दिया। लोगों ने सुबह गेट बंद कर अध्यापकों को स्कूल में घुसने ही नहीं दिया। भड़के लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

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मामला गंभीर होते देख पुलिस, शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन लोग नहीं माने। ऐसे में बच्चों को इधर-उधर घूमता देख थाना प्रभारी एवं एसएचओ अंब गौरव भारद्वाज ने नौवीं-दसवीं कक्षाओं में पढ़ाना शुरू कर दिया।

इसके बाद दूसरे स्कूलों से अध्यापक पढ़ाने के लिए बुलाए गए। अभिभावक पूरे स्कूल स्टाफ को निलंबित और ट्रांसफर करने की मांग पर अड़े हैं। उनका आरोप है कि स्कूल प्रबंधन एवं अध्यापकों ने मामले को दबाने का प्रयास किया है।
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यहां तक कि आरोपी को पुलिस के हवाले करने की जरूरत भी महसूस नहीं की। बता दें कि स्कूल के शिक्षक पर छात्रा से दुष्कर्म के आरोप लगे हैं। बीते दिन ही पुलिस ने शिक्षक को गिरफ्तार किया था। 

छुट्टी के बाद सोमवार सुबह 7.30 बजे स्कूल खुलने से पहले ही सैकड़ों गुस्साए अभिभावक और ग्रामीण गेट पर जुट गए और प्रदर्शन करने लगे। शिक्षकों को स्कूल में घुसने नहीं दिया गया। एसडीएम अंब तोरुल एस रवीश और डीएसपी अंब मनोज जंवाल मौके पर पहुंच गए। 

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स्कूल स्टाफ से ली लिखित स्टेटमेंट

स्कूल में कक्षाएं लगाते एसएचओ - फोटो : अमर उजाला
उच्च शिक्षा उपनिदेशक कमलेश कुमारी भी मामले की विभागीय जांच के लिए मौके पर पहुंचीं। उनके साथ डिप्टी डायरेक्टर ऑफिस के नोडल अधिकारी प्रदीप और एएसएचडी कमेटी सदस्य राकेशना भी स्कूल पहुंची और मामले की पड़ताल की।

उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास भी किया। कक्षाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए अन्य स्कूलों से शिक्षक बुलवाए गए। हालांकि, इस दौरान नॉन टीचिंग स्टाफ को अंदर जाने दिया गया।

उधर, अंब थाना प्रभारी गौरव भारद्वाज का कहना है कि स्कूल के बाहर पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। एसडीएम तोरुल एस रवीश ने बताया कि प्रशासन ने रोष प्रकट कर रहे लोगों की बात को सुना। उच्च शिक्षा उपनिदेशक मामले की विभागीय जांच कर रही हैं। 

डिप्टी डायरेक्टर उच्च ऊना कमलेश कुमारी और टीम ने विभागीय जांच के तहत स्थानीय ग्राम पंचायत भवन में समस्त स्कूल स्टाफ की लिखित स्टेटमेंट ली है। दो अन्य स्कूलों से चार शिक्षक पढ़ाने के लिए बुलवाए गए हैं। उन्होंने आगामी छुट्टियों के लिए बच्चों को होमवर्क दिया।
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