वर्तमान समय में मंदिर परिसर को बचाने के लिए जल शक्ति विभाग की ओर से ठेकेदार के माध्यम से सुरक्षा दीवार लगाई जा रही है। लेकिन बीती देर रात तेज तूफान के कारण मंदिर पीपल के पेड़ समेत सतलुज नदी में समा गया।
रामपुर नगर परिषद के वार्ड नंबर-3 में गांधी पार्क के समीप ऐतिहासिक शनि मंदिर बुधवार देर रात गिरकर ध्वस्त हो गया। हालांकि घटना के समय कोई भी व्यक्ति मंदिर परिसर में उपस्थित नहीं था। ऐतिहासिक शनि मंदिर पिछली बरसात में गिरने की कगार पर था। वर्तमान समय में मंदिर परिसर को बचाने के लिए जल शक्ति विभाग की ओर से ठेकेदार के माध्यम से सुरक्षा दीवार लगाई जा रही है।
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लेकिन बीती देर रात तेज तूफान के कारण मंदिर पीपल के पेड़ समेत सतलुज नदी में समा गया। मंदिर के पुजारी महंत अजय गिरी ने कहा कि गांधी पार्क के साथ लक्ष्मी नारायण और शनि मंदिर का निर्माण साथ-साथ किया गया है। उन्होंने कहा कि जब मंदिर गिरा तब वे मंदिर के साथ बनी रिहायश में थे।
ठेकेदार हरीश कुमार ने बताया उनका मंदिर के साथ कार्य चल हुआ था। अचानक कल तूफान आया तो पीपल का बड़ा पेड़ और शनि मंदिर गिर गया। हादसा रात के समय हुआ। दिन में हुआ होता तो घटनास्थल पर काम करने वाले मजदूर चपेट में आते। उधर, तहसीलदार जयचंद ने बताया कि जलशक्ति विभाग द्वारा सुरक्षा दीवार लगाने के बाद मंदिर का निर्माण किया जाएगा।