22 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन इस बार कई शुभ संयोग पर बन रहे हैं। बहुत सालों बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं पड़ेगा। बहनें पूरा दिन राखी बांध सकेंगी। ज्योतिष शोधार्थी और एस्ट्रोलॉजी एक विज्ञान शोध पुस्तक के लेखक गुरमीत बेदी ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन पर श्रावण पूर्णिमा, धनिष्ठा नक्षत्र के साथ शोभन योग का शुभ संयोग बन रहा है।
इसके अलावा देव गुरू वृहस्पति और चंद्रमा मिलकर सावन पूर्णिमा पर गजकेसरी योग भी बनाएंगे। रक्षाबंधन पर सूर्य , मंगल और बुध सिंह राशि में रहेंगे। सिंह राशि का स्वामी भी सूर्य ही है। इस राशि में उसका मित्र मंगल भी रहेगा। इस दिन शुक्र कन्या राशि में रहेगा। गुरमीत बेदी के अनुसार हमारे शास्त्रों में और ज्योतिष में इन संयोगों को बेहद शुभ और अति उत्तम माना गया है।
हिंदू पंचांग के अनुसार सावन मास की पूर्णिमा तिथि 21 अगस्त को शाम सात बजे से प्रारंभ हो रही हैं। इसका समापन 22 अगस्त को शाम 5 बजकर 31 मिनट पर होगा। आमतौर पर भद्रा के कारण बहनों को राखी बांधने के लिए समय कम ही मिलता रहा है। इस बार भद्रा नहीं होने से राखी बांधने के लिए 12 घंटे और 11 मिनट की अवधि का दीर्घकालीन शुभ मुहूर्त है।