राजकुमार का कहना है कि 2017 में उन्हें अधरंग का दौरा पड़ा था। इस कारण लीवर क्षतिग्रस्त हो गया। धीरे-धीरे लीवर पूरी तरह खराब हो गया और अब लीवर ट्रांसप्लांट ही जान बचाने का जरिया है। पीजीआई ने लीवर ट्रांसप्लांट के लिए 12 लाख का एस्टिमेट बनाया है। मुख्यमंत्री राहत कोष से मिले 2 लाख और प्रधानमंत्री राहत कोष से मिले 3 लाख रुपये पीजीआई चंडीगढ़ के खाते में जमा हो चुके हैं, लेकिन ऑपरेशन के लिए 7 लाख और चाहिए।
राजकुमार की पत्नी लता देवी का कहना है कि परिवार की आय का कोई दूसरा साधन नहीं है। दो बच्चों और बूढ़ी मां की पूरी जिम्मेदारी उनके पति राजकुमार पर है। लता देवी ने लोगों से उनके पति के इलाज के लिए आर्थिक मदद करने का आग्रह किया है। इच्छुक लोग राजकुमार के मोबाइल नंबर 9780521037 पर संपर्क कर सकते हैं।