नाशपाती के दामों में प्रति पेटी 1000 रुपये तक की कमी
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महाराष्ट्र और गुजरात में बारिश से घटी नाशपाती की मांग संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। देशभर में हो रही बारिश का असर अब हिमाचल के स्टोन फ्रूट सीजन पर भी दिखाई देने लगा है। लगातार बारिश के कारण बाहरी राज्यों में फलों की मांग घट गई है, जिससे कई स्टोन फ्रूट के दामों में गिरावट दर्ज की गई है।
राजधानी शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी में नाशपाती के दाम प्रति पेटी 500 से 1000 रुपये तक कम हो गए हैं। मंडी में नाशपाती का हाफ बॉक्स 1000 से 1700 रुपये, जबकि फुल बॉक्स 2000 से 3200 रुपये तक बिका। आढ़तियों के अनुसार, कुछ दिन पहले तक हाफ बॉक्स 2200 रुपये और फुल बॉक्स 4000 से 4200 रुपये तक बिक रहा था। आढ़तियों का कहना है कि देशभर में हो रही बारिश के कारण बाहरी राज्यों से नाशपाती की मांग कम हो गई है। विशेष रूप से महाराष्ट्र और गुजरात के बड़े शहरों से नाशपाती की अच्छी मांग रहती थी, लेकिन वहां लगातार हो रही बारिश के चलते मांग में कमी आई है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है। वहीं, सेब के दामों में तेजी देखने को मिल रही है। आढ़तियों के अनुसार, मंडियों में सेब की आपूर्ति अभी सीमित है, जिससे कीमतों में उछाल बना हुआ है। इन दिनों मंडी में टाइडमैन किस्म का सेब अधिक मात्रा में पहुंच रहा है। इसके साथ ही गाला किस्म का सेब भी बाजार में आना शुरू हो गया है। मंगलवार को टाइडमैन का फुल बॉक्स 2000 से 3000 रुपये, जबकि गाला का हाफ बॉक्स 2500 रुपये और फुल बॉक्स 3600 रुपये में बिका। आढ़तियों के अनुसार, मुंबई, सूरत के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में हिमाचली सेब की अच्छी मांग रहती है। मुंबई के कारोबारी कमल हरिराम ने बताया कि मुंबई सहित अन्य बड़े शहरों में लगातार बारिश हो रही है। इसके कारण नाशपाती की मांग में कमी आई है, जिससे कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। आढ़ती ज्ञान ठाकुर ने कहा कि महाराष्ट्र और गुजरात से नाशपाती की सबसे अधिक मांग आती है। इन राज्यों में मांग घटने के कारण मंडियों में नाशपाती के दामों में 500 से 1000 रुपये तक की गिरावट आई है।