मौसम को देखते हुए लाहौल-स्पीति जिला, मनाली-बंजार उपमंडल और कुल्लू के 13 स्कूलों में बुधवार को भी अवकाश घोषित किया गया है। बारिश-बर्फबारी के चलते मनाली में अभी भी हजारों सैलानी फंसे हुए हैं। शिमला, कुल्लू, लाहौल स्पीति और चंबा समेत अन्य जिलों में करीब 550 सड़कें अभी भी बंद हैं। उधर, मंडी में ऑफिस कानूनगो ने तीन फीट बर्फ में चलकर 30 पर्यटकों की जान बचाई है। उधर, चंबा में दो युवकों के शव मिले हैं। ट्रैकिंग पर निकले ये युवक माइनस डिग्री तापमान में 3 से 4 फीट बर्फबारी के बीच चार दिन से फंसे थे, लेकिन समय पर मदद न पहुंचने से उनकी ठंड से मौत हो गई।
मंगलवार को धर्मशाला में तेज अंधड़ चला, जबकि कई जिलों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मौसम की मार का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। कांगड़ा हवाई अड्डा पर खराब दृश्यता के कारण एक विमान को बिना लैंड किए वापस लौटना पड़ा, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। किन्नौर, लाहौल और चंबा में रात का तापमान माइनस में दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं और नमी से मैदानों में भी सिहरन बढ़ गई है।
चंबा के भरमौर-पांगी, चुराह, सलूणी, पर्यटन स्थल डलहौजी के डैनकुंड और लक्कड़मंडी में मंगलवार को हल्की बर्फबारी हुई है। मंगलवार दोपहर तक पांगी उपमंडल के मुख्यालय किलाड़, साच, मिंधल, धरवास, फिंडरू, शौर और करयूनी में करीब 45 सेंटीमीटर तक ताजा हिमपात हुआ है। ऊंचाई वाले क्षेत्र चसग, सुराल, हुडान, शुण और परमार भटौरी में 90 सेंटीमीटर के करीब बर्फबारी दर्ज की गई है। इस बर्फबारी के कारण घाटी में बिजली और यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है।
ताजा बर्फ गिरी है। ऊना जिले में सुबह के समय बारिश का दौर रुक-रुक कर जारी रहा। इसी बीच कई स्थानों पर हल्की ओलावृष्टि भी हुई है। हमीरपुर में दिनभर बारिश का दौर जारी रहा। राजधानी शिमला में मंगलवार सुबह के समय धूप खिली। दोपहर बाद मौसम बदलते ही शहर में बारिश और ओलावृष्टि हुई। शहर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फाहे गिरे। सोलन-सिरमौर में भी मंगलवार को बादल बरसे।