कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर समर सीजन में पर्यटकों को रेल में नए आरामदायक डिब्बों में सफर करने का मौका नहीं मिलेगा। ट्रैक पर आधुनिक पारदर्शी डिब्बों को चलाने का मामला फिलहाल लटक गया है। रेलवे विभाग ने अभी तक इसकी नई ड्राइंग को मंजूरी नहीं दी है। ड्राइंग मंजूर होने के बाद ही रेल के नए डिब्बों को बनाने का काम शुरू किया जाएगा। यह डिब्बे रेल कोच फैक्टरी कपूरथला में तैयार किए जाएंगे। नए डिब्बे बनाने में करीब चार से पांच महीने का समय लगेगा।
आरामदायक सफर के लिए यहां पर करीब 70 नए डिब्बे तैयार किए जाएंगे। इसके लिए रेलवे बोर्ड की ओर से प्रारंभिक काम बीते वर्ष सितंबर में शुरू कर दिया था। पहले चरण में डिब्बों को तैयार करने के लिए मंत्रालय से अनुमति भी मिल गई थी। यह कोच फरवरी तक शुरू करने की योजना थी। ड्राइंग को मंजूरी न मिलने के कारण यह मामला लटक गया। इस समय कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर पर्यटकों के मनोरंजन के लिए विस्ताडोम कोच समेत चार्टर्ड और अन्य कोच चलाए गए हैं।
यह है रेलवे का प्लान
रेल विभाग के अनुसार कालका-शिमला ट्रैक पर चलने वाली सभी ट्रेन के डिब्बे बदले जाएंगे। इन्हें पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि पर्यटक ट्रैक पर वादियों को भी निहार सकें। कोच में एयर कंडीशनर भी लगाए जाने हैं। इसके अलावा इनमें एलईडी टच लाइट, आधुनिक टॉयलेट, नई सीट्स और कई तरह के बदलाव किए जाने हैं।
नहीं मिली है ड्राइंग : जितेश
रेल कोच फैक्टरी कपूरथला के सीपीआरओ जितेश कुमार ने बताया कि कालका-शिमला ट्रैक पर चलने वाली सभी ट्रेनों के लिए नए डिब्बे तैयार किए जाएंगे। इसके लिए अभी ड्राइंग नहीं मिली है। अंबाला से इसकी ड्राइंग की मंजूरी मिलेगी। इसके बाद ही डिब्बे तैयार करने का काम शुरू होगा।