विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पहाड़ी से पत्थर गिरने के बाद अचानक ब्रेक लगाने से बड़ोग टनल से ठीक पहले रेलकार पटरी से उतर गई। हादसे के बाद करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक को सुचारु किया गया। इस दौरान कालका से शिमला की ओर जाने वाली तीन ट्रेनें देरी से चली हैं। रेलवे की प्राथमिक जांच रिपोर्ट में पत्थर गिरने का खुलासा हुआ है। यह रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। गनीमत यह रही कि हादसे में किसी भी यात्री को चोटें नहीं आई हैं। हादसे के बाद यात्रियों को बीच जंगल में बारिश के दौरान खासी परेशानी झेलनी पड़ी है। वहीं चालक की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा भी टला है।
जानकारी के अनुसार 04505 रेलकार यात्रियों को लेकर करीब पांच बजे कालका से शिमला की ओर चली थी। रेलकार कुमारहट्टी रेलवे स्टेशन से 6:58 बजे बड़ोग के लिए निकली थी। जैसे ही यह रेलकार 07:05 बजे 33 नंबर बड़ोग टनल के समीप पहुंची तो अचानक पहाड़ी से पत्थर आ गया। यह देखते ही चालक ने जोरदार ब्रेक लगा दी। इस दौरान अचानक ब्रेक लगने से रेलकार के अगले दो पहिये पटरी से उतर गए। इस दौरान 15 सीटर रेलकार में करीब नौ यात्री सवार थे, जो पूरी तरह से सुरक्षित हैं। चालक ने इसकी सूचना कुमारहट्टी व बड़ोग रेलवे स्टेशन को दी। सूचना के बाद तुरंत रेलवे कर्मी मौके पर पहुंचे और रेलवे किट राहत ट्रेन को कालका से बुलाया गया।
इसके बाद रेलकार को पटरी पर लाने का कार्य शुरू किया और करीब 11:20 बजे ट्रैक पर से रेलकार को हटाया गया और अन्य इंजन की मदद से बड़ोग रेलवे स्टेशन पर ले जाया गया। इसके बाद अन्य ट्रेनों को शिमला के लिए रवाना किया गया। हादसे के बाद ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होने के करण शिमला की ओर जाने वाली करीब तीन ट्रेनें को देरी से चली हैं। गौर रहे कि इससे पहले 23 फरवरी को बड़ोग रेलवे स्टेशन पर कालका से शिमला की ओर जा रही डिपार्टमेंटल ट्रेन पटरी से उतर गई थी। उधर, रेलवे अधिकारी ने बताया कि हादसा पहाड़ी से अचानक पत्थर आने के कारण हुआ है। रेलकार में सवार सभी लोग सुरक्षित है।