सूबे में विधानसभा चुनाव का एलान कभी भी हो सकता है। भाजपा सीएम पद के उम्मीदवार की उलझन में है लेकिन छोटी काशी मंडी के पड्डल मैदान में ‘विकास से विजय की ओर रैली’ में वीरभद्र सिंह को सीएम उम्मीदवार घोषित कर राहुल गांधी कांग्रेस को बढ़त दिला गए।
शनिवार को इस रैली में एकजुटता का संदेश देकर राहुल गांधी ने विस चुनावों का शंखनाद किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बिलासपुर रैली में लगे आरोपों का राहुल गांधी ने करारा जवाब दिया।
राहुल गांधी ने नोटबंदी से गिरी दो फीसदी जीडीपी, जीएसटी के कारण महंगाई, कालाधन वापस लाने और हर भारतीय के खाते में पंद्रह-पंद्रह लाख जमा होने और दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने की मोदी सरकार की घोषणाओं को झूठ का पुलिंदा करार देते हुए मोर्चाबंदी की।
रैली में केंद्र की नाकामियां फोकस रहीं। आगामी विधानसभा चुनावों में इन्हीं मुद्दों के दम पर कांग्रेस प्रदेश में चुनावी मुद्दों के रूप में बिसात बिछाएगी। अंत में राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और सुक्खू के हाथ एक साथ पकड़कर ऊपर उठाए और एकजुटता की नसीहत के साथ मुस्कुरा दिए।
नहीं लिया बाली का नाम
मंच पर राहुल गांधी ने सभी शीर्ष नेतृत्व और कैबिनेट मंत्रियों के नाम लिया लेकिन इसे छूट कहें या कुछ और, जीएस बाली का नाम लेना वह भूल गए। इस दौरान बाली के चेहरे पर शिकन साफ दिखी। बीच-बीच में वह कभी मंत्री विद्या स्टोक्स और कभी सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ बातचीत करते रहे।
सीएम की कुर्सी पर बैठ गए अनिल
मंच पर मोदी पर निशाना साधा जा रहा था। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह संबोधन कर रहे थे। इस दौरान राहुल गांधी की बगल में लगी उनकी कुर्सी खाली थी। मौका पाकर मंत्री अनिल शर्मा वहां पहुंच गए और राहुल गांधी के साथ बातचीत करने लगे। जैसे ही सीएम का संबोधन खत्म हुआ, अनिल चुपचाप अपनी कुर्सी पर लौट आए।