हिमाचल प्रदेश के राजकीय नर्सिंग स्कूल बिलासपुर की छात्रा के साथ रैगिंग मामले में पुलिस ने सभी पक्षों और नर्सिंग स्कूल की छात्राओं के बयान दर्ज कर लिए हैं। लेकिन अभी तक आरोपों से संबंधित कोई तथ्य सामने नहीं आए हैं। पुलिस अब जांच को आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाने का प्रयास करेगी।
पुलिस और एंटी रैगिंग कमेटी ने नर्सिंग स्कूल की अन्य छात्राओं से पूछताछ की और बयान लिए हैं। फिलहाल किसी अन्य छात्रा ने रैगिंग और अन्य आरोपों की पुष्टि नहीं की है। वहीं, क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में उपचाराधीन रैगिंग के आरोप लगाने वाली छात्रा अब स्वस्थ है।
शनिवार को किए उसके सभी टेस्ट की रिपोर्ट सामान्य आई है। पुलिस और एंटी रैगिंग कमेटी ने शनिवार को भी कई जूनियर और सीनियर छात्राओं से बात की। स्कूल के अन्य स्टाफ से भी पूछताछ की गई। पूछताछ में किसी भी अन्य जूनियर छात्रा ने रैगिंग या प्रताड़ित करने की बात से मना किया। उधर, प्रिंसिपल आशा शर्मा ने भी छात्रा के रैगिंग और प्रताड़ित करने के आरोपों को निराधार और तथ्यों से परे बताया है।
उनका कहना है कि स्कूल 1982 से चल रहा, लेकिन आज तक ऐसी घटना सामने नहीं आई है। आरोप लगाने के बाद सभी छात्राओं से भी बात की गई थी। रैगिंग करने की कोई सामने नहीं आई है। बता दें कि वीरवार रात को राजकीय नर्सिंग स्कूल बिलासपुर की प्रथम वर्ष की छात्रा ने एक साथ एंटीबायटिक की 11 गोलियां खा ली थीं। छात्रा ने अपनी तीन वरिष्ठ छात्राओं पर रैगिंग और प्रिंसिपल सहित विभाग पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।
अस्पताल में उपचाराधीन छात्रा की हालात में सुधार है। छात्रा की टेस्ट रिपोर्ट सामान्य आई है। एंटी रैगिंग कमेटी अभी मामले की जांच कर रही है। जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी।
-डॉ. प्रवीण कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
पुलिस की जांच में अभी तक रैगिंग संबंधी तथ्य सामने नहीं आए हैं। अन्य किसी छात्रा ने भी रैगिंग और अन्य आरोपों की पुष्टि नहीं की है। जांच को आगे बढ़ाने के लिए टेक्निकल साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जाएगा।
-राज कुमार, पुलिस प्रवक्ता एवं डीएसपी मुख्यालय।