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रैगिंग ने बुझा दिया घर का इकलौता चिराग

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पालमपुर उपमंडल के हंगलोह गांव में इंजीनियरिंग के छात्र की मौत से मातम का माहौल है। गांव वाले हैरान हैं कि 21 दिन पहले जिस अमित को पढ़ाई के लिए खुशी-खुशी हमीरपुर छोड़ा था, वह अपने गले में फंदा लगाने पर मजबूर कैसे हो गया। हमीरपुर के निजी पॉलीटेक्निक कॉलेज में आखिर ऐसा क्या हुआ, जिससे उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।
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उधर, पिता दीप चंद ने पंचायत प्रधान बिशन दास और अमित के रूम मेट रहे अमन के साथ हमीरपुर में जाकर आरोपी छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी है। यह पता चला है कि रैगिंग में शामिल एक लड़का खुद को प्रिंसिपल के भाई का बेटा बताता था। हालांकि प्रिंसिपल ने इस बात से साफ इनकार किया है।

इकलौता बेटा था

पिता दीप चंद और माता राज कुमारी का इकलौता पुत्र अमित हंगलोह के सरकारी स्कूल से इसी साल प्लस टू करके हमीरपुर गया था। कंपार्टमेंट आई थी, इसलिए सिविल इंजीनियरिंग में एडमिशन भी प्राइवेट कॉलेज में ही लेनी पड़ी। इस बार शनिवार को छुट्टी पर आया था। बहन श्वेता नगरोटा कॉलेज में बीएससी फर्स्ट ईयर में है।

श्वेता कहती हैं कि घर पर अमित कह रहा था कि मैं उस कॉलेज में नहीं पढ़ूंगा। वहां लड़के तंग कर रहे हैं। लेकिन, हमने सोचा कि वह फार्मेसी में जाना चाहता है, इसलिए सिविल इंजीनियरिंग छोड़ने के लिए ऐसा कह रहा है। अमित चाचा के लड़के सौरभ से खूब बातें करता था। इस बार भी की, लेकिन रैगिंग की बात नहीं बताई।
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संस्थान ने लापरवाही बरती

मामा राजीव और विशाल कहते हैं कि 23 अगस्त को इसने प्रिंसिपल को दो लड़कों की ओर से उसे फोन पर तंग करने की शिकायत दी थी। दो लड़कों के नाम बताए थे। एक का नाम बालकृष्ण उर्फ विक्की था और दूसरे का ऋषि गौतम। लेकिन, संस्थान ने कोई कदम नहीं उठाया और पुलिस को भी नहीं बताया।

हादसे के बाद जब संस्थान के प्रिंसिपल से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि विक्की छुट्टी पर है, लेकिन रिकार्ड में कोई एप्लीकेशन नहीं मिली। विशाल कहते हैं कि ऋषि गौतम खुद को प्रिंसिपल के भाई का बेटा बताता था, लेकिन प्रिंसिपल ने ऐसा कोई छात्र होने से ही इनकार कर दिया। अब इस सारे प्रकरण की पुलिस जांच करेगी।
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