शुक्रवार आधी रात को जिला के अधिकतर मंदिरों में वार्षिक जाग होम का आयोजन किया गया। दहकते हुए अंगारों पर कूद कर गुरों ने देव शक्ति प्रदर्शन किया। वहीं माता के गुरों ने देवताओं व डायनों के बीच 14 दिनों तक चले युद्ध का वृतांत सुनाया। इस बार युद्ध में देवताओं से ज्यादा डायनें सफल रही है।
शुक्रवार रात को मंडी शहर के मां काली चामुंडा मंदिर व बगलामुखी मंदिर सेहली में वार्षिक होम जाग का आयोजन हुआ। जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शिरकत कर देवताओं का आशीर्वाद लिया। मंडी शहर के चामुंडा मंदिर में वार्षिक होम जाग की धूम रही। सैण मोहल्ले से मां चामुंडा की अगुवाई में जलेब शुरू और रात बारह बजे मंदिर परिसर में पहुंची।
जिसके बाद मंदिर परिसर में अग्नि प्रज्जवलित की गई। माता के गुर ने दहकते हुए अंगारों पर कूद कर देव शक्ति का प्रदर्शन किया। मां भुवनेश्वरी जागरण मंडल बटेहड़ा, डुगराईं के कलाकार देवेंद्र शास्त्री, तारा चंद शर्मा, राजेंद्र शर्मा, कर्म सिंह ने माता की भेंटों पर भक्तिमय माहौल बनाया।
तुंगल क्षेत्र के प्रसिद्ध शक्ति पीठ माता बगलामुखी मंदिर सेहली में वार्षिक जाग का आयोजन धूमधाम से किया गया। रात 12 बजे माता के गुर द्वारा पूजा-अर्चना की गई।