एसएफआई के परिसर सचिव मुकेश कुमार और परिसर अध्यक्ष योगी ने जारी बयान में कहा कि पहले इस कार्य के लिए विशेष सीक्रेसी बस का उपयोग होता था, लेकिन अब उस प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा। साथ ही मूल्यांकन केंद्रों के चयन को लेकर भी पारदर्शिता पर प्रश्न उठाए गए हैं। एसएफआई नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता सुनिश्चित की जाए और इस तरह की लापरवाही पर तुरंत रोक लगाई जाए।
जांच के आदेश, रिपोर्ट मांगी
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक श्याम लाल कौशल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। विश्वविद्यालय मामले की जांच कर रहा है। मूल्यांकन शाखा को मामले की रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।