वन विभाग में अगले कुछ समय में करीब साढ़े चार सौ फारेस्ट गार्ड की भर्ती होने जा रही है। वन मंत्री की सख्ती के बाद विभाग ने भर्ती की कवायद शुरू कर दी है। लेकिन शुरू होने से पहले ही भर्ती प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। किसी भी विभाग की भर्ती से इतर वन विभाग में गार्ड की भर्ती प्रक्रिया में महिला और पुरुषों के पदों की संख्या तो तय नहीं हैं।
लेकिन शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए दोनों ही वर्गों के मानक अलग हैं। इसकी वजह से भर्ती में महिलाओं को पुरुषों से कम मेहनत पर भी लिखित परीक्षा में पहुंचने का मौका मिल रहा है। विभाग की इस व्यवस्था के बाद अब कुछ युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उधर, पीसीसीएफ एसपी वासुदेवा से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
इसलिए उठे भर्ती पर सवाल
दरअसल, सिपाही भर्ती परीक्षा में कुल पदों में महिलाओं और पुरुषों के लिए पदों की संख्या तय रहती है। इसकी वजह से महिलाओं को शारीरिक दक्षता परीक्षा में मिलने वाली छूट का पुरुष अभ्यर्थियों की भर्ती पर असर नहीं पड़ता। वहीं, फारेस्ट गार्ड भर्ती प्रक्रिया में भर्ती के लिए पुरुष और महिला गार्डों के पद तय नहीं हैं।
जबकि भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान महिलाओं को पुरुषों की अपेक्षा कम फिजिकल करना होता है। इसका नतीजा यह होता है कि आसान फिजिकल के चलते महिलाओं को ज्यादा अंक मिल जाते हैं जबकि पुरुष अभ्यर्थी असफल हो जाते हैं।