पिछले तीन साल में अनुसूचित जाति उप योजना के अंतर्गत प्रदेश भर में कुल 334 सड़कें और 29 पुल स्वीकृत किए गए हैं। यह जानकारी लोक निर्माण विभाग के मंत्री व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पांवटा साहिब से विधायक सुखराम के सवाल के लिखित जवाब में दी है।
जवाब में बताया गया है कि साल 2015-16 में कुल 68 विधानसभा क्षेत्राें में 85 सड़क व दो पुल स्वीकृत किए गए थे। 2016-17 में 116 सड़कें व 16 पुल और 2017-18 में 143 सड़कें व 11 पुल स्वीकृत किए गए थे।
इनमें से आधा दर्जन सड़कों व पुलों का निर्माण सिर्फ इसलिए नहीं शुरू हो सका है क्योंकि अब तक इनके लिए पर्याप्त फंड ही उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा अधिकतर स्वीकृत सड़कों व पुलों का निर्माण कार्य जारी है।
तीन चौथाई वन क्षेत्र वाले हिमाचल प्रदेश में एक भी सफारी जंगल नहीं है। यह जानकारी वन मंत्री गोविंद ठाकुर की ओर से देहरा से विधायक होशियार सिंह की ओर से पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में दी गई है। जवाब में बताया गया है कि प्रदेश में न तो कोई सफारी जंगल है और न ही इसके लिए कोई नीति सरकार के विचाराधीन है।
ठेकेदारों को दे दिए तीन से ज्यादा कार्य
बीते तीन सालों में लोक निर्माण विभाग ने 166 ठेकेदारों को तीन से ज्यादा काम दे दिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में ऐसे ठेकेदारों को 1808 काम वितरित किए गए हैं। किसी भी ठेकेदार ने विकास कार्यों को सबलेट नहीं किया है। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी नैनादेवी विधानसभा क्षेत्र के विधायक राम लाल ठाकुर की ओर से पूछे गए लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
साल 2001 से प्रदेश में लागू की गई इको टूरिज्म नीति के तहत 171 स्थानीय युवाओं को सीधा रोजगार दिया गया है। मंगलवार को विधानसभा मे नैनादेवी के विधायक रामलाल ठाकुर के सवाल पर वन विभाग ने लिखित में बताया है कि इको टूरिज्म नीति के तहत स्थानीय युवाओं को रोजगार
के अवसर उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। नीति के अधीन चल रहे इको टूरिज्म प्रोजेक्टों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जा रहा है। 43 युवाओं को नेचर गाइड का प्रशिक्षण भी दिया गया है।