हिमाचल में अभी भी 772 सरकारी स्कूलों और 12 कॉलेज बाहरी राज्यों से आए लोगों को रखने के लिए संस्थागत क्वारंटीन केंद्रों के तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग ने सरकार को प्रस्ताव भेज कर शिक्षण संस्थानों को क्वारंटीन केंद्रों से मुक्त करने की मांग की है। शिक्षण संस्थानों में गतिविधियां शुरू करने के लिए सैनिटाइजेशन के लिए पर्याप्त समय की जरूरत होने का तर्क देते हुए यह प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार को भेजे प्रस्ताव में बताया गया है कि कांगड़ा में पांच कॉलेज, शिमला में एक, सोलन-बिलासपुर और हमीरपुर में दो-दो कॉलेजों को संस्थागत क्वारंटीन केंद्रों के तौर पर प्रयोग किया जा रहा है। इसके अलावा 211 हाई और 561 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में बाहरी राज्यों से लौटने वाले लोगों को ठहराया जा रहा है। बिलासपुर में 124, चंबा में 131, हमीरपुर में 160, कांगड़ा में 16, कुल्लू में 115, मंडी में 134, शिमला में 16, सिरमौढर में 3, सोलन में 45 और ऊना जिला में 28 स्कूलों को संस्थागत क्वारंटीन केंद्र बनाया गया है।