फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीडब्ल्यूडी ने तैयार किया रोडमैप: कोलतार की जगह सीमेंट, कंक्रीट से मजबूत और टिकाऊ बनेंगी हिमाचल की सड़कें

Wed, 21 Oct 2026 06:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

पहाड़ी क्षेत्रों में बार-बार सड़कें उखड़ने और मरम्मत पर होने वाले करोड़ों रुपये के खर्च को कम करने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने जलवायु अनुकूल सड़कों का रोडमैप तैयार किया है।
विज्ञापन
मजबूत और टिकाऊ सड़कें बनेंगी। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश में अब ऐसी सड़कें बनाने की तैयारी है, जो बारिश, जलभराव और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी टिकाऊ बनी रहें। पहाड़ी क्षेत्रों में बार-बार सड़कें उखड़ने और मरम्मत पर होने वाले करोड़ों रुपये के खर्च को कम करने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने जलवायु अनुकूल सड़कों का रोडमैप तैयार किया है। इसमें पारंपरिक कोलतार के विकल्प के रूप में सीमेंट, कंक्रीट और वेस्ट प्लास्टिक मिश्रित तकनीक से सड़कें बनाने पर जोर दिया जाएगा। वर्ष 2023 की आपदा के चलते कई जिलों में सड़क संपर्क लंबे समय तक बाधित रहा था। बारिश के दौरान पानी का रिसाव और जलभराव कोलतार की सड़कों को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में टिकाऊ सड़कें तैयार करना विभाग की प्राथमिकता है।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

सीमेंट कंक्रीट की सड़कों के निर्माण में शुरुआती लागत करीब 30 प्रतिशत अधिक आती है। हालांकि, प्लास्टिक मिश्रित सामग्री से बनी सड़कों की आयु 20 से 30 साल तक होने का दावा किया जा रहा है। इनसे रखरखाव का खर्च भी कम होने की उम्मीद है। अब तक संवेदनशील स्थानों पर 10 से 20 मीटर के पैच लगाए जाते हैं, जबकि चुनिंदा हिस्सों में 100 से 500 मीटर तक प्लास्टिक मिश्रित सड़कें बनाई जाती हैं। अब सड़क निर्माण के साथ जल निकासी व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें पक्के कलवर्ट, नालियां और वाटर आउटलेट सुनिश्चित करने की योजना है, ताकि पानी सड़क को नुकसान न पहुंचाए। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर प्रदेश सरकार ध्यान दे रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें