सीमेंट कंक्रीट की सड़कों के निर्माण में शुरुआती लागत करीब 30 प्रतिशत अधिक आती है। हालांकि, प्लास्टिक मिश्रित सामग्री से बनी सड़कों की आयु 20 से 30 साल तक होने का दावा किया जा रहा है। इनसे रखरखाव का खर्च भी कम होने की उम्मीद है। अब तक संवेदनशील स्थानों पर 10 से 20 मीटर के पैच लगाए जाते हैं, जबकि चुनिंदा हिस्सों में 100 से 500 मीटर तक प्लास्टिक मिश्रित सड़कें बनाई जाती हैं। अब सड़क निर्माण के साथ जल निकासी व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें पक्के कलवर्ट, नालियां और वाटर आउटलेट सुनिश्चित करने की योजना है, ताकि पानी सड़क को नुकसान न पहुंचाए। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर प्रदेश सरकार ध्यान दे रही है।