सैंज घाटी के देव श्री लक्ष्मी नारायण आज शाम पहुंचेंगे ढालपुर
सैंज घाटी के देव लक्ष्मी नारायण को ब्रह्मा, विष्णु, महेश का अवतार माना जाता है। देवता के कारदार जगरन्नाथ कहते हैं कि देव लक्ष्मी नारायण मंगलवार शाम को अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के लिए ढालपुर पहुंच गए हैं। इस दौरान करीब 300 देवलू भी साथ गए हैं। जितने भी देवलू साथ गए हैं, वे सभी लंका दहन के बाद ही घर लौटेंगे। बीच में कोई घर नहीं आ सकता है। सात दिन तक अब भूमि में ही आसन लगेगा। पूजा-अर्चना के साथ देवता दर्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे।
छत्र को स्पर्श नहीं कर सकते
देवताओं के छत्र को स्पर्श करने की किसी को अनुमति नहीं होती है। यहां तक कि कारकून भी इसे नहीं छू सकते। जगरन्नाथ कहते हैं कि इसे सिर्फ निर्धारित आदमी ही छू सकता है। विशेषकर इसकी अनुमति पुजारी को ही रहती है।