पंजाब में मतदान का दिन नजदीक आते ही प्रत्याशियों ने हिमाचल प्रदेश के धार्मिक स्थलों का रुख करना शुरू कर दिया है। मंत्री और प्रत्याशी चुनाव में जीत की कामना लेकर जिला कांगड़ा के वनखंडी स्थित माता बगलामुखी के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। पिछले एक माह में यहां कई बड़े चेहरे हवन करवा चुके हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के निकट संबंधी, जालंधर के विधायक राजिंदर बेरी, जालंधर नॉर्थ से विधायक बाबा हेनरी और कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए गुरुहरसहाय से विधायक राणा गुरमीत सिंह सोढी माता के दरबार में हाजिरी भर चुके हैं।
आनंदपुर साहिब से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी हरजोत सिंह बैंस सहित कई नेता गुपचुप पूजा करवा चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि पंजाब के कई दूसरे नेताओं ने भी बगलामुखी मंदिर में पूजा के लिए मंदिर प्रशासन या पुजारियों से समय मांगा है। वे गुपचुप तरीके से पूजा और हवन करना चाहते हैं। टिकट मिलने और नामांकन के बाद प्रत्याशी मंदिर पहुंचकर या सगे संबंधी के जरिये हवन करवा रहे हैं। बड़ी बात यह है कि चरणजीत सिंह चन्नी तो पंजाब में चुनाव की तिथि तय होने से पहले ही कई बार मंदिर में आ चुके हैं। चन्नी दिसंबर में दो बार और जनवरी में एक बार मां के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं।
मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी के भाई प्रह्लाद मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, अमर सिंह, जयाप्रदा, आतंकवादी विरोधी फ्रंट के अध्यक्ष मनिंदर सिंह बिट्टा, कांग्रस नेता जगदीश टाइटलर, गोविंदा, गुरदास मान और शिल्पा शेट्टी भी आ चुके हैं। माता बगलामुखी को शत्रुनाशिनी माना जाता है। यहां वही लोग अधिक पहुंचते हैं, जो मुकदमों, पारिवारिक कलह, जमीन विवाद से परेशान होते हैं। इन परेशानियों से मुक्ति के लिए लोग माता बगलामुखी का तांत्रिक हवन करवाते हैं। मंदिर के पुजारी अशोक का कहना है कि चुनाव के समय नेताओं का माता के दरबार आनाजाना लगा रहता है। पंजाब में चुनाव के चलते कई मंत्री और प्रत्याशी हवन और पूजा करवा रहे हैं।