चौड़ा मैदान में डा. अंबेदकर पुस्तकालय का निर्माण शुरू नहीं होने पर मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता रवि कुमार दलित ने संजौली के श्मशानघाट में उपवास रखकर अपना विरोध जताया। मंगलवार सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक रवि कुमार शमशानघाट में बैठे।
बताया कि निर्जीव हो गई सरकार को जगाने के लिए उन्होंने श्मशानघाट में उपवास करने का फैसला लिया। बताया कि छह दिसंबर 2001 को तत्कालीन राज्यपाल सूरजभान ने चौड़ा में डा. अंबेदकर पुस्तकालय का शिलान्यास किया था। बीते 15 सालों में किसी भी सरकार ने इस बारे में आगामी कार्रवाई नहीं की है।
भाजपा, कांग्रेस की सरकारों के समक्ष इस मामले को उठाया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। रवि कुमार ने कहा है कि सभी सरकारों का रुख दलित विरोधी रहा है। इसके चलते ही उन्हें श्मशानघाट में बैठकर उपवास करने को विवश होना पड़ा।
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