एक अन्य ग्रामीण प्रकाश चंद का कहना है कि जब वह चिकित्सक के पास दवाई लेने गया तो उसे कहा गया कि नहा कर आओ तुमसे बदबू आ रही है। तुलसी देवी ने कहा कि वह बुखार की दवाई लाने गई तो चिकित्सक ने उसे हमीरपुर से दवाई लाने के लिए कहा।
ग्रामीणों में ज्ञान चंद, प्रकाश चंद, अमर नाथ, रमेश चंद, विशन दास, तुलसी राम, बलदेव शर्मा, चेतराम, सोमनाथ, सुनीता, रत्नी देवी, मीरा देवी, राजकुमारी, सिमरो, सीमा, विमला, बबली, कमला, तुलसी देवी आदि ने कहा कि उक्त चिकित्सक का व्यवहार और मरीजों से बात करने का तरीका उचित नहीं है।
अगर चिकित्सक के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वह लोकसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे। इस संदर्भ में संबंधित डॉक्टर मीनाक्षी शर्मा का कहना है कि उसने अपने घर पर मेड रखी हुई है। डिस्पेंसरी की सफाई कर्मचारी से कभी भी घर का काम नहीं करवाया और न ही मरीजों से दुर्व्यवहार किया है।
उधर, बीएमओ आयुर्वेदिक बड़सर डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि वह स्वयं मामले की छानबीन के लिए मौके पर गए। छुट्टी न देने के कारण चिकित्सक और सफाई कर्मचारी का झगड़ा हुआ है और ग्रामीणों के भी चिकित्सक के खिलाफ कुछ आरोप हैं। मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी।