विधानसभा के शीत सत्र के पांचवें दिन हिमाचल के युवाओं के लिए सेना में अलग रेजिमेंट बनाने को प्रस्ताव पारित किया गया। सैनिक कल्याण मंत्री महेंद्र सिंह ने हिमालय रेजिमेंट बनाने का संकल्प सदन में रखा। इसमें सेना में राज्य का कोटा बढ़ाने की भी मांग की गई है।
प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे सर्वसम्मति से पारित कर केंद्र से अलग रेजिमेंट की सिफारिश की गई। अब राज्य सरकार केंद्र को भेजेगी। विधायकों का एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भी आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर हिमाचल की इस मांग को उठाएगा।
शुक्रवार को सदन में संकल्प पेश करते हुए महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है। पहला परमवीर चक्र पाने वाले मेजर सोमनाथ शर्मा हिमाचल से हैं।
सत्तर लाख की आबादी वाले प्रदेश में ढाई लाख से ज्यादा युवा देश की सुरक्षा और सेवा के लिए सेना में सेवाएं दे रहे हैं। हिमाचल के नाम पर न हो तो हिमालय के नाम पर रेजिमेंट खड़ी की जा सकती है।
प्रस्ताव के पक्ष में नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया ने कहा कि मेरे ताया, पिता समेत कई रिश्तेदार सेना में सेवाएं दे चुके हैं। कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश की डोगरा बेल्ट का नाम पूरे देश में है, जहां से कई वीर सैन्य अधिकारी व जवान निकले हैं।