अमर उजाला एक्सक्लूसिव...
भवनों की जांच के बाद टैक्स की गणना में कर दी गड़बड़ी, टुटू और मज्याठ से सामने आईं शिकायतें
भाजपा ने उठाए सवाल, बड़े गड़बड़झाले का अंदेशा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में कई भवन मालिकों को नगर निगम ने प्राॅपर्टी टैक्स के गलत बिल थमा दिए हैं। नियमों के अनुसार भवन मालिकों को जहां दस फीसदी छूट मिलनी थी, वहीं निगम ने गलत गणना कर हजारों रुपये के बिल जारी कर दिए। लोगों को कई साल के हजारों रुपये के बिल एकसाथ जारी किए गए हैं।
उधर, लोग भारी भरकम बिल देखकर परेशान हैं। इन्हें अब निगम दफ्तर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। लोगों का कहना है कि वे टैक्स चुकाने को तैयार हैं लेकिन कम से कम निगम उन्हें सही बिल तो जारी करें। टुटू और मज्याठ क्षेत्र से गलत बिल जारी होने की कई शिकायतें मिली हैं। भाजपा ने इस मामले में बड़े गड़बड़झाले का अंदेशा जताया है। शहर में नगर निगम यूनिट एरिया मैथड के आधार पर भवन मालिकों से प्रॉपर्टी टैक्स वसूलता है। नया भवन तैयार होने पर भवन मालिक खुद सेल्फ असेस्मेंट फार्म भरता है। इसमें भवन के आकार और इस्तेमाल की जानकारी दी जाती है। इसी आधार पर निगम टैक्स के बिल जारी करता है। हाल ही में निगम ने शहर में बने भवनों की जांच का फैसला लिया था। टैक्स के लिए लोगों ने जो सेल्फ असेस्टमेंट फार्म भरे हैं, वे सही हैं या नहीं, भवन के आकार और इस्तेमाल के आधार पर टैक्स दिया जा रहा है या नहीं, इसके लिए जांच टीमें फील्ड में उतारी गई हैं।
जांच में पकड़ी टैक्स चोरी, पर जारी कर दिए गलत बिल
वार्डाें में पहुंची जांच टीमों ने कई भवनों में टैक्स की चोरी पकड़ी है। मौके पर न सिर्फ भवन का आकार ज्यादा निकला, बल्कि रिहायशी भवनों में दुकानें और ढाबे खुले हुए मिले हैं। निगम ने इन्हें 2021 से लेकर अब तक के टैक्स के संशोधित बिल जारी किए हैं। लेकिन यह बिल गलत जारी हो गए। नगर निगम एक्ट के अनुसार भवन के कुल क्षेत्र में रखरखाव और मरम्मत के एवज में 10 फीसदी डिस्काउंट देना जरूरी है, लेकिन निगम ने जो बिल जारी किए हैं, उसमें यह डिस्काउंट नहीं दिया है बल्कि डिस्काउंट को बिल राशि बना दिया है। शिकायतें मिलने के बाद निगम का तर्क है कि यह क्लेरिकल गलती है, इसे दुरुस्त किया जाएगा।
टैक्स में हो रहा गड़बड़झाला : भाजपा
टुटू के पूर्व पार्षद एवं भाजपा प्रवक्ता विवेक शर्मा ने कहा कि निगम ने गलत बिल जारी कर दिए हैं। बिल में पिछले क्षेत्रफल की भी जानकारी नहीं दी जा रही। यह गड़बड़झाला है, इसकी जांच होनी चाहिए।
कोट्स
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि किसी भवन मालिक को गलत बिल जारी हुए हैं तो वह इस बारे में अपना पक्ष रखें। निगम बिल की जांच करेगा। यदि गलती होगी तो उसे दुरुस्त किया जाएगा।