गिरोह से जुड़े 44 लोगों को अभी तक सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है पुलिस
नशा तस्करी गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन मिले, दिल्ली में बैठे नाइजीरियन भी पुलिस के निशाने पर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर संदीप शाह गिरोह के मामले में पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के कई क्षेत्रों में दबिश दी। इस दौरान चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई लोगों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें देर रात तक डटी रहीं। आरोपियों की पहचान ठियोग के रहने वाले हरीश वर्मा, मंयक नेगटा चौपाल, साहिल चौहान बलघार ठियोग, शुभम धीरटा कोटखाई के रूप में हुई है। मामले की जांच में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी सामने आ रहे हैं। इसको लेकर भी पुलिस की टीमें गहनता से जांच कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक नाइजीरियन मूल के कई लोग भी पुलिस के निशाने पर हैं। जिला पुलिस अभी तक इस मामले में गिरोह के सरगना संदीप शाह समेत 44 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। कई अन्य लोग भी पुलिस के निशाने पर हैं। गिरोह से जुड़े लोगों की पहचान के लिए पुलिस सैकड़ों बैंक खातों की गहनता से पड़ताल कर रही है। इसमें शाह के साथ पिछले लंबे समय से चिट्टे की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों की पुलिस अब धरपकड़ करने में लगी है। पुलिस का दावा है कि जिले में नशा तस्करी के नेटवर्क में इन लोगों की अहम भूमिका है। अभी तक इसमें युवाओं के साथ ही सरकारी विभाग के अधिकारी समेत अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आ चुकी है। पुलिस की जांच में मार्क नाम के शख्स का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि संदीप शाह ने पूछताछ के दौरान उसका नाम बताया है। शाह कोलकाता में बैठकर अपने साथियों के जरिये दिल्ली से चिट्टा खरीदकर शिमला के लिए सप्लाई करवाता था। इसमें बेरोजगार, नशे के आदी युवाओं और ऐसे लोग शामिल थे, जो कि नशे की तस्करी कर लाखों कमाने का लालच पाले बैठे थे। ऑनलाइन पेमेंट आने के बाद ही खरीदार को ऑनलाइन वीडियो भेजकर चिट्टे की लोकेशन बता दी जाती थी और बिना एक-दूसरे से मिले ही नशे की सप्लाई कर दी जाती थी।
कोट्स
नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस की कड़ी कार्रवाई जारी है। संदीप शाह तस्कर गिरोह के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि पुलिस के निशाने पर कई और लोग भी हैं। मिशन भरोसा के तहत पुलिस जिले को नशामुक्त बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
संजीव कुमार गांधी, एसपी, शिमला