राजधानी स्थित शिमला अर्बन को ऑपरेटिव बैंक से लोन लेने के बाद अदायगी नहीं करने वाले 363 उपभोक्ताओं की संपत्ति जब्त की जाएगी। सभी डिफाल्टर उपभोक्ताओं को बैंक प्रबंधन ने नोटिस जारी कर दिए हैं। डिफाल्टरों से कुल 2.38 करोड़ की राशि वसूली जानी है।
कई सालों से इन उपभोक्ताओं ने लोन नहीं चुकाया है। बैंक के निदेशक मंडल ने अब डिफाल्टर उपभोक्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की है। लोन के अगेंस्ट बैंक में बतौर गारंटी रखी संपत्ति को जब्त करने से पहले बैंक प्रबंधन आखिरी बार उपभोक्ताओं को समझाने का प्रयास करेगा।
इसके बाद भी अगर लोन की अदायगी नहीं हुई तो संपत्ति को जब्त कर लिया जाएगा। शिमला अर्बन कोआपरेटिव बैंक में नगर निगम के तहत आने वाले क्षेत्रों के लोगों के खाते हैं। बैंक की माल रोड और मिडल बाजार में शाखाएं हैं।
1985 में लिया लोन अब तक नहीं लौटाया
बैंक से 363 लोगों ने साल 1985 से लिया लोन अब तक वापस नहीं लौटाया है। बैंक प्रबंधन कई बार इन उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर चुका है। लेकिन नोटिस के बावजूद उपभोक्ता बैंक से लिया लोन नहीं लौटा रहे। ऐसे में अब बैंक प्रबंधन ने कड़ी कार्रवाई की तैयारी की है।
नोटिस जारी करने के बाद लोन नहीं चुकाने वाले उपभोक्ताओं से बैंक प्रबंधन सबसे पहले बात करेगा। इसके लिए विशेष टीमें बनाई हैं। समझाने से बात नहीं बनी तो आगामी कार्रवाई की जाएगी। बैंक संपत्ति को जब्त करने के बाद इसको सेल आउटकर अपनी ऋण राशि को वसूल करने की कोशिश करेगा।
नोटिस के बावजूद नहीं की अदायगी
इस बैंक से हजारों लोगों का हित जुड़ा है। बैंक प्रबंधन का कहना है कि अगर इस तरह की कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती है तो अन्य उपभोक्ताओं को दिक्कत हो सकती है। लोगों ने 28 साल पहले लिया ऋण अब तक वापस नहीं लौटाया है।
बैंक प्रबंधन कई बार इन लोगों को इस बारे नोटिस जारी कर चुका है। लिहाजा अब बैंक प्रबंधन ने ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का फैसला लिया है।