सरकार की लापरवाही के चलते पदोन्नत पीजीटी को पद के वित्तीय लाभ के लिए दो साल इंतजार करना पड़ेगा। पीजीटी को 1200 रुपये कम ग्रेड पे पर संतोष करना पड़ेगा। बीते दिनों जारी हुई पदोन्नति सूची में सरकार ने पीजीटी को 4200 ग्रेड पे देने का फैसला लिया है। जबकि पीजीटी को 5400 ग्रेड पे देना होता है। ग्रेड पे में कटौती को लेकर शिक्षक संघों ने सरकार से मोर्चा खोल दिया है।
शिक्षक संघों ने वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग की है। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने पदोन्नत पीजीटी को 5400 का ग्रेड पे नहीं देने पर नाराजगी जताई है। अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा है कि दो साल का सेवाकाल पूरा करने पर पीजीटी को 5400 ग्रेड पे मिलेगा। इस मामले को ट्रिब्यूनल में भी चुनौति दी गई है।
'सरकार की उदासीनता की वजह से हो रहा ये सब'
1126/2015 नंबर से ट्रिब्यूनल में केस किया गया है। शिक्षक हित में लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता का यह एक बड़ा उदाहरण है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने कहा है कि 10300-4200 ग्रेड पे अंकित किया है, यह सरासर गलत है।
महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता डा. मामराज पुंडीर ने कहा है कि जिन अध्यापकों पर यह शर्त लगाई है कि उन्हें दो साल तक कम ग्रेड पे पर काम करना होगा। उधर, निदेशक उच्च शिक्षा दिनकर बुराथोकी ने बताया है कि वेतन आयोग के अनुसार ही ग्रेड पे दी जा रही है। ग्रेड पे की विसंगतियों के आरोप के संदर्भ में वित्त विभाग ही स्थिति स्पष्ट कर सकता है। टीजीटी, पीजीटी के ग्रेड पे का मामला सरकार के ध्यानार्थ है।
अब जेबीटी, सीएंडवी की करो पदोन्नति- हिमाचल शिक्षक महासंघ ने राज्य सरकार से जेबीटी, सीएंडवी को पदोन्नति देने की मांग की है। संघ के प्रदेश महासचिव डा. प्रेम शर्मा ने कहा है कि जेबीटी से पीजीटी पदोन्नत होने पर 1025 पद रिक्त हो गए हैं। मध्य शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को असुविधा का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा है कि जिन शिक्षक वर्ग को अभी तक ग्रेड पे नहीं दिया गया, उन्हें जल्द ग्रेड पे बहाल किया जाए।