बीते दिनों प्रधान सचिव शिक्षा डॉ. रजनीश की अध्यक्षता में हुई बैठक में 980 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मंजूर किया गया था। प्रस्ताव के तहत प्रदेश में प्री प्राइमरी कक्षाओं की संख्या को वर्तमान में चार हजार से और अधिक बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
हिमाचल प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र की मजबूती के लिए केंद्र सरकार को भेजे गए 980 करोड़ के प्रस्ताव पर सोमवार को मुहर लगेगी। प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की 25 अप्रैल को नई दिल्ली में होनी वाली बैठक में प्रदेश के प्रस्ताव पर चर्चा करने के बाद बजट मंजूर होगा। प्रदेश में प्री प्राइमरी स्कूलों का दायरा बढ़ाने, 750 और स्कूलों में नर्सरी और केजी की कक्षाएं शुरू करने और छठी से आठवीं कक्षा में प्री वोकेशनल शिक्षा देने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।
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बीते दिनों प्रधान सचिव शिक्षा डॉ. रजनीश की अध्यक्षता में हुई बैठक में 980 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मंजूर किया गया था। प्रस्ताव के तहत प्रदेश में प्री प्राइमरी कक्षाओं की संख्या को वर्तमान में चार हजार से और अधिक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। छठी से आठवीं कक्षा तक प्री वोकेशनल शिक्षा विद्यार्थियों को दी जाएगी। नौवीं कक्षा से स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा दी जा रही है।
छठी कक्षा से ही विद्यार्थियों में वोकेशनल शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाई जाएगी। विद्यार्थियों को अंग्रेजी भाषा में निपुण बनाने के लिए विशेष लैब बनाई जाएंगी। कंप्यूटर शिक्षा के लिए आईसीटी लैब को और अधिक मजबूत किया जाएगा। बीआरसी और प्राइमरी कक्षाओं के शिक्षकों के प्रशिक्षण पर बल दिया जाएगा। इन सभी कार्यों के लिए आने वाले खर्च को देखते हुए प्रस्ताव तैयार किया गया है।