शहर में चल रहे कामों में तेजी लाने का आयुक्त का फार्मूला, अभियंताओं से फोटो के साथ ली जा रही कामों की रिपोर्ट
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पार्षद फील्ड अधिकारियों पर लगा चुके काम होने के झूठे दावे के आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने नया फार्मूला निकाला है। अब फील्ड अधिकारियों को वार्ड में चल रहे कार्यों की प्रोग्रेस रिपोर्ट फोटो के साथ देनी होगी। निगम प्रशासन ने सभी वार्डाें के कनिष्ठ अभियंताओं को इस बारे में सख्त आदेश जारी किए हैं।
आयुक्त की अध्यक्षता में हर हफ्ते हो रही समीक्षा बैठक में फोटो के साथ काम की रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इसमें देखा जा रहा है कि एक हफ्ते या एक महीने के भीतर काम कितना पूरा हुआ। यदि काम सुस्त है या बंद पड़ा है तो इसका जवाब भी तलब किया जा रहा है। नगर निगम के अनुसार शहर के 34 वार्डाें में इस समय सौ से ज्यादा निर्माण और मरम्मत कार्य चल रहे हैं। हर हफ्ते इन कार्यों की क्या प्रोग्रेस है, इसकी रिपोर्ट अभियंताओं से ली जा रही है। पहले कई बार सुपरवाइजर या अभियंता वार्डाें में काम शुरू होने के दावा तो करते थे लेकिन मौके पर काम नहीं मिलता था। इस पर पार्षद भी सदन में सवाल उठा चुके हैं।
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पार्षदों का कहना है कि फील्ड के अधिकारी निगम प्रशासन तक कार्य की सही रिपोर्ट नहीं पहुंचाते। टेंडर अवार्ड होने के बावजूद कई वार्डाें में काम शुरू नहीं हो रहे। प्रशासन को रिपोर्ट दी जा रही है कि यह काम चल रहे हैं। इस पर सटीक नजर रखने के लिए निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने नई व्यवस्था शुरू की है।
काम में नहीं होगी देरी : आयुक्त
किस वार्ड में क्या काम हो रहा है, इसकी पूरी रिपोर्ट फोटो के साथ समीक्षा बैठक में ली जा रही है। इसका मकसद काम में तेजी लाना है ताकि शहर की जनता को राहत मिल सके। -भूपेंद्र अत्री, आयुक्त नगर निगम शिमला