प्रोफेसर एमसी सक्सेना को ललित कला पुरस्कार देते मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने होटल होलीडे होम शिमला में साहित्यकारों और कलाकारों को साहित्य और कला के पुरस्कार दिए। पुरस्कार प्रोफेसर एमसी सक्सेना, सुरेश सेन निशांत, मुरारी शर्मा, बसंती देवी जैसी कई चर्चित शख्यियतों को दिए गए।
प्रोफेसर एमसी सक्सेना को समकालीन चित्रकला एवं मूर्तिकला में उत्कृष्ट कार्य के लिए वर्ष 2015 के ललित कला पुरस्कार से नवाजा गया।
ओमप्रकाश सुजानपुरी को पहाड़ी चित्रकला में कला पुरस्कार से अलंकृत किया गया। प्रेमप्रकाश निहालटा को लोक एवं सुगम संगीत और बसंती देवी को लोक संगीत में उत्कृष्ट योगदान पर निष्पादन कला पुरस्कार दिया गया।
वर्ष 2012 के बैकलॉग पुरस्कारों में सुरेश सेन निशांत को ‘वे जो लक्कड़हारे नहीं हैं’ कविता संग्रह के लिए हिंदी साहित्य का कविता पुरस्कार दिया गया। मुरारी शर्मा को उनके कहानी संग्रह ‘बाणमूठ’ के लिए हिंदी साहित्य का गद्य पुरस्कार दिया गया।
डा. प्रिया शर्मा को पहाड़ी (हिमाचली) साहित्य पुरस्कार
कार्यक्रम में मौजूद साहित्यकार।
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डा. ओमप्रकाश शर्मा को उनकी पुस्तक ‘संस्कृत प्रभावित महासुवी एवं सिरमौरी लोक कथाएं’ के लिए पुरस्कृत किया गया। डा. प्रिया शर्मा को उनके पहाड़ी काव्य संग्रह ‘मास्टर ते जगतो’ के लिए पहाड़ी (हिमाचली) साहित्य पुरस्कार दिया गया। लंदन में रहने वाली निधि चावला को अंग्रेजी उपन्यास ‘मास्क इन द मिरर’ के लिए अंग्रेजी साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
उनका पुरस्कार उनकी मां ने ग्रहण किया। पहाड़ी लघु चित्रकला एवं चंबा रूमाल प्रतियोगिता पुरस्कार 2015 में अंशुमोहन शर्मा को प्रथम, कमलजीत को द्वितीय और मोनू कुमार को तृतीय पुरस्कार दिया गया। दिनेश कुमारी को पहाड़ी लघु चित्रकला एवं चंबा रुमाल
प्रतियोगिता पुरस्कार 2015 के तहत प्रथम, इंदु शर्मा को द्वितीय और कमला चड्ढा को तृतीय पुरस्कार दिया गया। हिमाचल सांस्कृतिक शोध संस्थान एवं नाट्य रंगमंडल मंडी को पंजीकृत स्वैच्छिक संस्था सम्मान 2015 से अलंकृत किया गया।
कलाकारों, लेखकों की पुरस्कार राशि बढ़ाई: सीएम
पुरस्कार देते मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह।
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वीरभद्र सिंह ने कहा कि लेखकों और कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए अकादमी लोक संस्कृति और जनजातीय क्षेत्रों के इतिहास पर आधारित सेमीनारों सहित विभिन्न गतिविधियों के अतिरिक्त राज्य की कला एवं संस्कृति के प्रोत्साहन को कार्यशालाएं करवाई जा रही हैं। अकादमी लोक कला एवं संस्कृति पर आधारित पुस्तकों का प्रकाशन कर रही है।
हिमाचली लेखकों की पुस्तकें खरीदने का प्रावधान किया है। सरकार ने कलाकारों और लेखकों की पुरस्कार राशि को 31,000 से बढ़ाकर 51,000 रुपये, शिखर सम्मान 51,000 से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया है। अकादमी के उपाध्यक्ष डा. प्रेम शर्मा ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। भाषा एवं संस्कृति विभाग की निदेशक शशि ठाकुर और अकादमी के सचिव अशोक हंस ने भी विचार रखे।