जून में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के अलर्ट में हिमाचल की दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतर पाई हैं। ताजा ड्रग अलर्ट में देशभर में फेल 25 दवाओं में हिमाचल के उद्योगों की 7 दवाओं के बैच फेल पाए गए हैं। इन्हें बाजार से वापस बुला लिया गया है।
फेल हुई दवाओं में क्रिसेंट लिमिटेड कुंजाहल की टेलमीसारटन 40, साई टेक मेडिकेयर कालाअंब की एमोक्सीसिलिन पोटैशियम कलवनेट, जी लैबोरेटरीज पांवटा साहिब की पैंटरापजोल, ग्रेमपस लैबोरेटरीज कालाअंब की नियोमाईसिन सलफेट पॉलीमीजिन सलफेट एंड बैक्ट्रिसीन जिंक पाउडर के दो बैच, रेडिको रेमेडीज बरोटीवाला की डरोटेवराइन हैड्रोक्लोराइड सस्पेंशन और मेडिपोल फार्मास्यूटिकल भुड्ड बद्दी की अल्प्राजोलम शामिल है।
ये दवाएं उच्च रक्तचाप, संक्रमण, गैस्ट्रिक, अनिद्रा आदि रोगों के उपचार में काम में आती हैं। उल्लेखनीय है कि हिमाचल में दवा नियंत्रक प्राधिकरण बद्दी के मुख्य कार्यालय के अलावा सिरमौर के नाहन, कांगड़ा के धर्मशाला और मंडी में सब जोन बनाए हैं। बावजूद इसके दवाओं के सैंपल फेल होने का सिलसिला नहीं थम रहा है।