कई वेटरनेरी शिक्षण संस्थान कोर्स करने वाले विद्यार्थियों से फीस भी इन संस्थानों के प्रबंधक मनमाफिक तरीके से वसूल रहे हैं। इस बाबत कई शिकायतें मिलने पर निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने मामले की जांच के लिए मंगलवार को तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
हिमाचल प्रदेश में कई वेटरनेरी शिक्षण संस्थान दो से तीन कमरों के भवन में चल रहे हैं। कोर्स करने वाले विद्यार्थियों से फीस भी इन संस्थानों के प्रबंधक मनमाफिक तरीके से वसूल रहे हैं। इस बाबत कई शिकायतें मिलने पर निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने मामले की जांच के लिए मंगलवार को तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। जल्द ही सभी 26 वेटरनेरी शिक्षण संस्थानों का मौके पर जाकर रिकॉर्ड और आधारभूत ढांचा जांचा जाएगा। इन संस्थानों को प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर से संबद्धता मिलती है। पशुपालन विभाग संस्थान खोलने को एनओसी देता है।
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आयोग के पास आई कई शिकायतों में बताया गया है कि फार्मासिस्ट का कोर्स करवाने वाले इन संस्थानों में फीस स्ट्रक्चर को सरकार से मंजूर नहीं करवाया गया है। संस्थान अपने स्तर पर फीस वसूल रहे हैं। इसके अलावा कई संस्थान दो से तीन कमरों के भवनों में खुले हैं। सरकार की ओर से निर्धारित नियमों का संस्थानों को खोलने में पालन नहीं किया गया है। इन सभी बिंदुओं को देखते हुए विनियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। अब जल्द ही यह कमेटी इन संस्थानों में जाकर पड़ताल करेगी। संबद्धता और एनओसी के दस्तावेज जांचे जाएंगे। फीस स्ट्रक्चर की जानकारी लेकर विद्यार्थियों से बात की जाएगी। आयोग अध्यक्ष ने बताया कि मामले की पूरी जांच कर आगामी कार्रवाई के लिए सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी।