शिमला। राजधानी शिमला में कोरोना के मामले बढ़ने लगे है। राम बाजार स्थित एक निजी होटल में पांच कर्मियों के कोरोना संक्रमित आने के बाद उसे माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। वहीं अन्य लोगों में ये बीमारी न फैले, इसलिए यहां के कर्मचारियों और पर्यटकों समेत कुल 65 लोगों को आइसोलेट कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग यहां ठहरे पर्यटकों समेत अन्य लोगों की सैपलिंग भी करेगा। वहीं जिन लोगों की रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आएगी, उन्हें यहां से भेज दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यहां पर काम करने वाले एक कर्मी को 24 अक्तूबर को कोरोना संक्रमण के लक्षण आए थे। दो दिन बाद उसकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद अन्य लोगों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। आनन-फानन में पांचों वर्करों को मशोबरा शिफ्ट किया गया। जहां पर वह चिकित्सकों की निगरानी में उपचाराधीन हैं। इसके अलावा होटल को आगामी आदेशों तक माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। चूंकि पहले वर्कर के पॉजिटिव आए हुए छह दिन हो गए हैं तो ऐसे में सोमवार को बाकी के लोगों के टेस्ट प्रोटोकॉल के तहत लिए जाएंगे। हालांकि सभी लोगों को होटल में आइसोलेट किया है। वहीं होटल में किसी भी तरह की आवाजाही पर प्रवेश निषेध किया गया है। इन लोगों को खाने का सामान बाहर से उपलब्ध करवाया जा रहा है।
उधर, देर रात फागली में एक महिला और उसके दो बच्चे कोरोना संक्रमित आए हैं। ये सभी होम आइसोलेट हैं। सभी की हालत स्थिर है। बताया जा रहा है कि महिला के पति पहले कोरोना संक्रमित आ गए थे। इसके बाद अन्य लोगों ने भी टेस्ट करवाए थे।
सीएमओ डॉ. सुरेखा चोपड़ा ने बताया कि एक होटल के पांच वर्कर संक्रमित आए हैं। जिसके बाद उस होटल को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बना दिया है। यहां पर रहने वाले अन्य लोगों के स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जा रही है।