हिमाचल प्रदेश में निजी बस ऑपरेटर यूनियन की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। दो दिनों में बस ऑपरेटरों ने करीब पांच करोड़ के नुकसान होने का आंकलन लगाया गया है।
मंगलवार शाम को यूनियन के राज्य कार्यकारिणी के सदस्य और पदाधिकारियों ने लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह सुंदरनगर परिसर में इसका खुलासा करते हुए बैठक का आयोजन किया और मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की।
बस ऑपरेटर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर का कहना है कि अगर प्रदेश सरकार निजी बस ऑपरेटरों की मांगों को अनसुना करती है, तो निजी बस ऑपरेटरों अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का मन बना लिया है और अगर कोई भी अनहोनी निजी बस ऑपरेटरों के साथ घटित होती है, तो इसके लिए
प्रदेश सरकार जिम्मेवार होगी। सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए तैयार हैं। जिस तरह डीजल के दामों में वृद्धि हुई है, उसी तर्ज पर किराए के की कीमतों में वृद्धि की जानी चाहिए। आश्वस्त किया है कि अगर भविष्य में डीजल के दाम कम होते हैं, तो उसी तर्ज पर निजी बसों के किराए भी कम कर दिए जाएंगे।