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कोरोना के मामले बढ़ने पर प्रिंसिपल खुद ले सकेंगे संस्थान बंद करने का फैसला

Sun, 08 Nov 2020 10:53 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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कोरोना जांच के लिए सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर प्रिंसिपल खुद शिक्षण संस्थानों को बंद करने का फैसला ले सकेंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए शनिवार को सभी जिला अधिकारियों को मौके को देखते हुए फैसला लेने की छूट दी है। सरकारी स्कूलों में अभी करीब तीस विद्यार्थी और सौ से अधिक शिक्षक संक्रमित हो चुके हैं। उधर, मंडी के तिब्बती स्कूल में 101 विद्यार्थियों के पॉजिटिव आने पर शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने शिक्षा निदेशक से रिपोर्ट मांगी है। 

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उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि स्कूल और कॉलेज केंद्र से जारी एसओपी के तहत ही खोले गए हैं। इसमें हर स्थिति से निपटने को प्रोटोकाल तय है। सभी जिला अधिकारियों को पूरी जानकारी रखने को कहा है। सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि अगर संक्रमण के मामले बढ़ते हैं तो स्कूल-कॉलेजों को एहतियात के तौर पर बंद किया जा सकता है। निदेशालय से अलग से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है। जिला उपनिदेशक से चर्चा करने के बाद शिक्षण संस्थानों को कुछ समय के लिए बंद किया जा सकता है।


आवासीय स्कूलों को खोलने को लेकर भी एसओपी में विस्तृत दिशा-निर्देश बताए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारियों से इस संदर्भ में स्कूल-कॉलेज के प्रभारी बात कर सकते हैं। किसी भी तरह की शंका को दूर करने के लिए निदेशालय से भी संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मंडी के स्कूल में कोरोना संक्रमण के मामले की पूरी जानकारी मंडी के उपनिदेशक से मांगी गई है। रिपोर्ट प्राप्त होते ही शिक्षा सचिव को अवगत करवाया जाएगा।

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