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Shimla News: कमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम बढ़े अब भोजन की थाली पर पड़ेगी मार

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शहर के ढाबा और होटल संचालक बोले, प्रति सिलिंडर एक हजार तक की वृद्धि का खर्च निकालना होगा मुश्किल
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आने वाले दिनों में बढ़ाने होंगे भोजन के दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर समेत पूरे जिले में व्यावसायिक (कमर्शियल) गैस सिलिंडर के दाम 993 रुपये प्रति सिलिंडर बढ़ गए हैं। गैस सिलिंडर महंगा होने से अब होटल और ढाबा संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आने वाले दिनों में होटल और दुकानों में भोजन समेत अन्य सामान भी महंगा हो सकता है। अभी शहर में भोजन की थाली 70 रुपये में मिलती है।

सरकारी तेल कंपनियों ने शुक्रवार से 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम बढ़ा दिए हैं। ऐसे में अब तक 2291 रुपये में मिलने वाला यह सिलिंडर 3,284 रुपये में मिलेगा। एकाएक 993 रुपये की बढ़ोतरी ने कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्तरां, ढाबा और छोटे-बड़े फूड बिजनेस पर पड़ना शुरू हो गया है। संचालकों का कहना है कि पहले ही कच्चे माल और अन्य खर्चों में इजाफा हो रहा था। अब कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमत बढ़ने से लागत और ज्यादा बढ़ गई है। खासतौर पर छोटे होटल और ढाबा संचालक सिलिंडर के दामों में बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि एक महीने में कई सिलिंडर की खपत होती है, ऐसे में हर सिलिंडर पर लगभग हजार रुपये की बढ़ोतरी उनके बजट को बिगाड़ दिया है। यही स्थिति रही तो उन्हें खाने की प्लेट के दाम भी बढ़ाने पड़ेंगे। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के सिलिंडर के दाम में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है। इससे घरों के बजट पर तत्काल असर नहीं पड़ेगा। यह गैस सिलिंडर अभी 1015.25 रुपये में लोगों को मिलता रहेगा।
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छोटे कारोबारी होंगे प्रभावित

कमर्शियल गैस सिलिंडर के रेट बढ़ने से छोटे कारोबारी काफी प्रभावित होंगे। हालांकि अभी नए रेट के गैस सिलिंडर नहीं आए हैं लेकिन इसको लेकर कुछ दिनों तक सह लेंगे, लेकिन ऐसा ही रहा तो खाने के दामों में भी महंगाई बढ़ सकती है।
-रमेश शर्मा, ढाबा संचालक


कारोबार समेटने की आ सकती नौबत

पहले से ही बिजली बिल, स्टाफ की सैलरी और खाद्य सामग्री महंगी हो चुकी है। अब गैस की कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी ने हालात और मुश्किल बना दिए हैं। कुछ छोटे व्यापारी तो यह तक कह रहे हैं कि राहत नहीं मिली तो कारोबार समेटने तक की नौबत आ सकती है। -पुरुषोत्तम कुमार, ढाबा संचालक


मध्यम वर्गीय का नहीं रखा ध्यान

अभी तक गैस सिलिंडर नहीं मिले रहे थे और अब सिलिंडर मिलने लगे हैं तो एकाएक रेट बढ़ा दिए। सरकार की नाकामी की वजह से रेट बढ़े हैं। अब कैसे काम करेंगे। सरकार ने मध्यम वर्गीय परिवारों का ध्यान नहीं रखा। ऐसे में परिवार पालना मुश्किल हो जाएगा।
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-मदन, ढाबा मालिक



तेल कंपनियां लेती हैं फैसला
कमर्शियल गैस सिलिंडर के रेट बढ़ाने का फैसला तेल कंपनियां लेती हैं। हालांकि अभी घरेलू गैस सिलिंडर के रेट नहीं बढ़े हैं। ऐसे में लोगों को राहत है। वहीं एजेंसी में गैस सिलिंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
-नरेंद्र धीमान, जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले
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