देश में ब्रेस्ट कैंसर के इंजेक्शन, फंगस, गुर्दे की विफलता, इंफेक्शन, हृदय रोग, अल्सर, माईग्रेन की दवा समेत अन्य कई दवाइयों के दाम तय कर दिए है। इनमें कई दवाइयां ऐसी है जो काफी महंगी भी हो गई है। वहीं कई दवा ऐसी है जिनके दाम हर वर्ष 10 फीसदी तक बढ़ाए जाएंगे। निर्धारित कीमतों से अधिक पर बेचने पर विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। इन दवाइयों के थोक मूल्य और खुदरा मूल्य तय किए गए हैं। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने यह मूल्य तय किए हैं।
प्राधिकरण की ओर से मूल्य निर्धारित करने के लिए सूचीबद्ध की गई दवाइयों और इंजेक्शन में ओमेप्राजोल कैप्सूल, एमोक्सिलिन, डेक्सामेथासोन, प्रेडनिसोलोन टैबलेट, अजिथ्रोमाइसिन, डॉक्सीसाइक्लिन कैप्सूल, पैरासिटामोल टैबलेट, सोडियम वेल्प्रोएट ओरल और लिक्विड, कोलेकैल्सिफेरॉल, आईयू टैबलेट, साइटैक्स एनएबी इंजेक्शन, एनएबी अल्टाक्सेल 100 एमजी इंजेक्शन, एनएबी मिटोटैक्स 100 एमजी इंजेक्शन, एनएबी टोर्टेक्सेल 100 एमजी इंजेक्शन, एनएबीपीएसी 100 एमजी इंजेक्शन, पैक्लीमिन 100 एमजी इंजेक्शन, पेक्लिटैक्स एनएबी 100 एमजी आदि शामिल हैं। जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण इन मूल्यों को समय-समय पर घटाता और बढ़ाता है और यह रूटीन प्रोसेस है। इसी आधार पर बाजार में दवाइयों और इंजेक्शन की खरीद और बिक्री होती है।