प्रेस क्लब बंजार ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से डीसी चंबा के मामले में उचित जांच करवाने की मांग की है। प्रेस क्लब बंजार के अध्यक्ष हरिकृष्ण कौल की अध्यक्षता में एसडीएम हेम चंद वर्मा के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया। इसके माध्यम से मांग की गई कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और मीडिया की ओर से निष्पक्ष और तथ्य पर आधारित समाचार प्रकाशित किए जाते हैं। उपायुक्त चंबा की ओर से पत्रकारों के साथ द्वेषपूर्ण की गई कार्रवाई की प्रेस क्लब बंजार ने कड़ी निंदा की है।
प्रेस क्लब के महासचिव राजीव कुमार बग्गा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को इसकी जांच करवानी चाहिए। उपायुक्त को सार्वजनिक तौर पर चंबा के पत्रकारों से माफी मांगनी चाहिए। प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष नवीन शर्मा ने कहा कि किसी भी अधिकारी की ओर से मीडिया की आवाज को दबाना ठीक नहीं है।
यह अभिव्यक्ति की आजादी पर चोट करना है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाकर दोषी प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई करने की अपील की है। इस दौरान बंजार प्रेस क्लब के कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह, वरिष्ठ सलाहकार प्रीतम शर्मा, नोक सिंह चौहान, रमेश ठाकुर व जिला प्रतिनिधि नवल चौहान मौजूद रहे।
चंबा के डीसी पर कार्रवाई के लिए सीएम को भेजा ज्ञापन
प्रेस क्लब सुजानपुर ने उपमंडल अधिकारी नागरिक शिल्पी बेक्टा के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भेजकर उपायुक्त चंबा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रेस क्लब ने उपायुक्त चंबा विवेक भाटिया की कार्यप्रणाली की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि चंबा के उपायुक्त सरकारी पद पर रहकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया की आवाज को दबाने और प्रतिशोध की भावना से कार्य कर रहे हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर सुजानपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष राकेश कटोच, महासचिव संजीव वालिया, अश्विनी शर्मा, उपाध्यक्ष सुरजीत ठाकुर, कोषाध्यक्ष अनूप पवारी, जिला डेलीगेट गौरव जैन, राजन मेहता और पंकज शर्मा समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
अभिव्यक्ति की आजादी का हनन कर रहा है चंबा प्रशासन: रोहिणी
डीसी चंबा की ओर से मीडिया को धमकाने के मामले में कुल्लू की जिला परिषद अध्यक्ष रोहिणी चौधरी ने कहा है कि यह अभिव्यक्ति की आजादी का हनन है। उन्होंने कहा कि अफसरों को लोकतंत्र के नियमों का पालन करना चाहिए। जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को सम्मान दिया जाना चाहिए। इसी से जनता का विश्वास लोकतांत्रिक प्रणाली पर बना रहेगा।
इस मामले में अधिकारी गलती माने या सरकार उचित कार्रवाई करे। उधर, जिला परिषद सदस्य लोकेंद्र कुमार ने कहा कि प्रदेश में अफसरशाही हावी हो रही है। उन्होंने चंबा प्रशासन पर प्रेस की स्वतंत्रता के खिलाफ काम करने के आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने की चंबा प्रशासन कोशिश कर रहा है। चंबा प्रशासन सत्य खबरों को झुठलाकर प्रेस को दबाने का प्रयास कर रहा है।
किसी शुभारंभ पट्टिका पर विधायक की जगह अपना नाम लिखवाना प्रशासनिक अधिकारी को शोभा नहीं देता। प्रेस की ओर से गलती उजागर करने पर अपना नाम हटाकर फिर विधायक का नाम लिखवाना और बाद में प्रेस को ही झुठलाना अशोभनीय है। कुछ दिन पहले डीसी चंबा ने एक शिलान्यास पट्टिका पर स्थानीय विधायक की जगह अपना नाम लिखवा दिया था। गलती उजागर करती खबर प्रकाशित होने के बाद चंबा जिला प्रशासन मनमानी पर उतर आया था।
जिला प्रशासन ने जिला लोक संपर्क अधिकारी के माध्यम से अमर उजाला को एक ऐसी खबर पर नोटिस भिजवा दिया जिस खबर के प्रकाशित होने के बाद उस पर असर हुआ और डीसी ने गलती मानते हुए उसमें सुधार भी कर लिया। तथ्यों के साथ खबर प्रकाशित करने के बावजूद अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने का प्रयास किया गया। 29 जुलाई को अमर उजाला ने शिलान्यास पट्टिका से सदर विधायक का नाम गायब शीर्षक से खबर प्रकाशित कर उपायुक्त कार्यालय चंबा के समीप बहुउद्देश्यीय सुविधा केंद्र के शिलान्यास के दौरान शिलान्यास पट्टिका में सदर विधायक का नाम न होने की जानकारी को सार्वजनिक किया था।